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महाकाल के दरबार में पहुंचे दिल्ली के गृहमंत्री और गोवा के कैबिनेट मंत्री, भस्म और दद्योदक आरती में हुए शामिल

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महाकाल के दरबार में पहुंचे दिल्ली के गृहमंत्री और गोवा के कैबिनेट मंत्री, भस्म और दद्योदक आरती में हुए शामिल


महाकाल के दरबार में पहुंचे दिल्ली के गृहमंत्री और गोवा के कैबिनेट मंत्री, भस्म और दद्योदक आरती में हुए शामिल


महाकाल के दरबार में पहुंचे दिल्ली के गृहमंत्री और गोवा के कैबिनेट मंत्री, भस्म और दद्योदक आरती में हुए शामिल


उज्जैन, 30 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार अलसुबह भक्ति और आस्था का विशेष संगम देखने को मिला, जब दो राज्यों के मंत्री भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। दिल्ली सरकार के गृहमंत्री आशीष सूद और गोवा सरकार के कैबिनेट मंत्री सुभाष उत्तम फल देसाई ने महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचकर गोवा के कैबिनेट मंत्री सुभाष देसाई ने नंदी हॉल से भगवान महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार से भगवान का आशीर्वाद लिया। वहीं, सुबह 7:30 बजे आयोजित दद्योदक आरती में दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद शामिल हुए और नंदी हॉल से दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

आरती के पश्चात मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दोनों अतिथियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर सुभाष देसाई ने कहा कि लंबे समय से महाकाल दर्शन की इच्छा थी, जो आज पूर्ण हुई। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था सुचारु और संतोषजनक है।

भस्म आरती में दिव्य श्रृंगार, भक्त हुए भाव-विभोर

वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी के अवसर पर गुरुवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई। पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देव प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और ‘हरि ओम’ के उच्चारण के बीच भगवान को जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर पारंपरिक विधि से भस्म अर्पित की गई। इसके पश्चात शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल के मस्तक पर रजत चंद्र, भांग, चंदन और गुलाब की मालाएं अर्पित कर उन्हें राजाधिराज स्वरूप प्रदान किया गया। भस्म आरती के बाद भगवान के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर भक्तों ने आशीर्वाद मांगा। पूरे मंदिर परिसर में “जय महाकाल” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिससे इस आरती का विशेष महत्व माना जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे