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मध्य प्रदेश में मानसून के 11 दिन बाकी, कोटे का 89.3 प्रतिशत गिरा पानी, 4 दिन हल्की बारिश के आसार

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मध्य प्रदेश में मानसून के 11 दिन बाकी, कोटे का 89.3 प्रतिशत गिरा पानी, 4 दिन हल्की बारिश के आसार


भोपाल, 19 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक औसत 33.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे की 89.3 प्रतिशत है। मानसूनी सीजन के 11 दिन बाकी हैं और मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिन हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद आखिरी सप्ताह में कुछ जिलों में तेज बारिश हुई तो प्रदेश का बारिश कोटा पूरा होने की संभावना बन सकती है।

हालांकि, इस सीजन में कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के ज्यादातर जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा होना मुश्किल है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, सागर, उज्जैन, रतलाम और शाजापुर में अब तक सामान्य बारिश की 80 प्रतिशत भी पूर्ति नहीं हुई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन जिलों को सामान्य बारिश के स्तर तक पहुंचने के लिए अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की जरूरत होगी। खासतौर पर यदि तीन से चार दिन तक तेज बारिश होती है, तभी इन जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा छूने की स्थिति बन सकती है। इसके उलट मऊगंज और निवाड़ी में सामान्य कोटे से दोगुना पानी गिर चुका है। यानी प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है और कुछ जिले जहां ज्यादा बारिश से आगे निकल चुके हैं, वहीं कई जिले अभी भी सामान्य आंकड़े से काफी पीछे हैं।

अब तक भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया में सामान्य या इससे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके अलावा प्रदेश के बाकी 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। ऐसे में मानसून के बचे हुए दिनों में होने वाली बारिश इन जिलों के आंकड़ों को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी।

मौसम विभाग ने अगले चार दिन यानी 22 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक पश्चिमी हिस्से में इस समय एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। इसके प्रभाव से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश का असर सीमित रह सकता है, लेकिन मौसम की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। मानसून के अंतिम चरण में स्थानीय मौसमी सिस्टम सक्रिय रहने पर कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।

19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। इस सिस्टम के बनने और आगे बढ़ने का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। यदि सिस्टम का प्रभाव प्रदेश तक पहुंचता है तो मानसून के अंतिम सप्ताह में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

फिलहाल प्रदेश में 33.2 इंच बारिश हो चुकी है। मानसून के सामान्य कोटे का करीब 89.3 प्रतिशत पूरा होने के बाद अब नजर इस बात पर है कि बचे 11 दिनों में कितनी बारिश होती है और क्या अंतिम दौर में कम बारिश वाले जिलों के आंकड़ों में सुधार हो पाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत