तीन नाबालिग सहेलियों के साथ लव-जिहाद और सामूहिक दरिंदगी! आरोपियों पर 10 हजार का इनाम घोषित
अशोकनगर, 17 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपरई थाना क्षेत्र में तीन नाबालिग लड़कियों से कथित दुष्कर्म, जबरन धर्म परिवर्तन और धोखे से निकाह कराने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने तीनों सहेलियों को प्रेम संबंध का झांसा देकर अपने प्रभाव में लिया। इसके बाद उन्हें भोपाल ले जाकर धमकाने, बहला-फुसलाने और कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराने के बाद निकाह के नाम पर उनके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िताओं के वापस लौटने पर मामला उजागर हुआ।
क्षेत्र में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
घटना की जानकारी मिलते ही शुक्रवार को पिपरई सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात किया है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसआईटी गठित, जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जांच की जिम्मेदारी एसडीओपी विवेक शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाएगी।
तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम
पुलिस ने घटना में शामिल तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपियों की पहचान भोपाल निवासी अल्तमश खान, आहत शेख और अरहान अली के रूप में की गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर ने बताया कि आरोपियों की तलाश में कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साइबर सेल की भी सहायता ली जा रही है।
अन्य संलिप्त लोगों पर भी होगी कार्रवाई
एसआईटी प्रमुख विवेक शर्मा ने कहा कि पीड़िताओं के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी सह-आरोपी बनाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी है।
एसआईटी प्रमुख एसडीओपी विवेक शर्मा ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी। उन्होंने कहा, हम पीड़ितों के विस्तृत बयान दर्ज कर रहे हैं। इस बयान में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, चाहे वह धर्म परिवर्तन कराने वाला हो या अन्य कोई मददगार, उसे भी सह-आरोपी बनाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

