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छतरपुर में लोकायुक्त की कार्रवाई, नामांतरण के लिए 25 हजार मांगे, 15 हजार लेते नायब तहसीलदार का रीडर गिरफ्तार

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छतरपुर में लोकायुक्त की कार्रवाई, नामांतरण के लिए 25 हजार मांगे, 15 हजार लेते नायब तहसीलदार का रीडर गिरफ्तार


छतरपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बक्सवाहा तहसील कार्यालय में जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत लेने के मामले में सागर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को ट्रैप कार्रवाई की।

,टीम ने नायब तहसीलदार के रीडर राजेंद्र श्रीवास्तव को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता की ओर से पहले ही 10 हजार रुपए दिए जाने की बात सामने आई है। लोकायुक्त ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर नामांतरण से संबंधित दस्तावेज भी जांच के लिए लिए हैं।

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कृष्णकांत बिलथरे ने जमीन के नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में रीडर ने 50 हजार रुपए की मांग की थी। बातचीत के बाद 25 हजार रुपए में सौदा तय होने की शिकायत की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसमें से 10 हजार रुपए की पहली किस्त पहले ही दी जा चुकी थी। बाकी 15 हजार रुपए देने के लिए दबाव बनाए जाने पर उसने सागर लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की।

शिकायत का सत्यापन, फिर बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने प्राथमिक सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे 15 हजार रुपए के नोट दिए गए और उसे बक्सवाहा तहसील कार्यालय भेजा गया। शिकायतकर्ता ने जैसे ही राजेंद्र श्रीवास्तव को रकम दी, पहले से निगरानी कर रही लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम बरामद की गई। केमिकल लगे नोटों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी की गई। लोकायुक्त की टीम के अचानक पहुंचने और कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच कुछ देर अफरा-तफरी की स्थिति रही। टीम ने नामांतरण से संबंधित फाइल और दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी राजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम रिश्वत की मांग, नामांतरण की फाइल और भुगतान से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरन तिर्की, निरीक्षक रंजीत सिंह सहित प्रधान आरक्षक अजय क्षेत्री, रफीक खान, आरक्षक संतोष गोस्वामी, आदेश तिवारी, विक्रम सिंह, गोल्डी, प्रदीप और नीतेश सहित टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे