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सागर : मुख्यमंत्री ने जाना शराब पीड़ितों का हाल, कांग्रेस ने प्रदर्शन कर लगाए 'वापस जाओ' के नारे

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सागर : मुख्यमंत्री ने जाना शराब पीड़ितों का हाल, कांग्रेस ने प्रदर्शन कर लगाए 'वापस जाओ' के नारे


सागर, 09 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में अवैध ज़हरीली शराब के सेवन से हुई दुखद घटना के बाद प्रशासनिक हलचलों के साथ-साथ राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बुधवार को सागर दौरे के दौरान एक तरफ जहां अस्पताल में मरीजों का हाल जाना गया, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

सागर हेलीपैड आगमन पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की अगवानी के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीधे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने ज़हरीली शराब से प्रभावित मरीजों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अवैध शराब कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने ऐसे मामलों में फांसी तक की सजा का कठोर प्रावधान किया है, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय कोई कड़ा कानून नहीं था। इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, सागर विधायक शैलेंद्र जैन और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

दूसरी ओर, इस हृदयविदारक घटना से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के आगमन पर तीखा विरोध दर्ज कराया। जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार और मकरोनिया ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी एवं ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र कुर्मी की उपस्थिति में मकरोनिया चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मोहन यादव वापस जाओ के नारों से पूरा चौराहा गूंज उठा।

प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित एक 5 सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं। प्रशासनिक जिम्मेदारी: ज़हरीली शराब और अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का प्रभावी क्रियान्वयन न करने के लिए दोषी सागर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को तत्काल पद से पृथक किया जाए। निष्पक्ष जांच: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र न्यायिक एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। अवैध शराब कारोबार के पीछे मौजूद असली गुनहगारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय व उचित आर्थिक सहायता दी जाए।

पीड़ितों से मुलाकात और अस्पताल का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री भोपाल के लिए रवाना हो गए, वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे