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उमरियाः गाय के शिकार को लेकर बाघ और तेंदुए में संघर्ष की आशंका, तेंदुए की मौत

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उमरियाः गाय के शिकार को लेकर बाघ और तेंदुए में संघर्ष की आशंका, तेंदुए की मौत


उमरिया, 02 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में घुनघुटी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कांचोदर बीट के अमहाईधार में सोमवार को एक तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। घटनास्थल के समीप ही एक पालतू गाय का शव भी मिला है। एक ही स्थान पर दोनों वन्यजीवों के शव मिलने से तेंदुए की मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जांच में गाय के शिकार को लेकर बाघ और तेंदुए के बीच संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, घटना घुनघुटी रेंज की कांचोदर बीट के अमहाईधार स्थित कक्ष क्रमांक आरएफ-233 की है। मृत तेंदुए की उम्र करीब 7 से 10 वर्ष बताई गई है। घटनास्थल के आसपास बाघ के पैरों के निशान भी मिले हैं। तेंदुए के शरीर पर पंजों के निशान पाए गए हैं, जिससे बाघ के साथ संघर्ष में उसकी मौत होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

एसडीओ वन दिगेन्द्र सिंह पटेल ने बताया कि घटनास्थल के समीप टाइगर के फुटप्रिंट मिले हैं। प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि गाय के शिकार को लेकर बाघ और तेंदुए के बीच संघर्ष हुआ होगा। इसी दौरान तेंदुए की मौत हो गई। फिलहाल चिकित्सकों की टीम शव का पोस्टमार्टम कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि तेंदुए के शरीर के सभी अवयव सुरक्षित पाए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

आपसी संघर्ष की थ्योरी पर उठ रहे सवाल

वन्यजीवों की मौत के मामलों में अक्सर आपसी संघर्ष को वजह बताया जाता है। हालांकि, ऐसे मामलों में यह सवाल भी उठता रहा है कि संघर्ष में एक ही वन्यजीव की मौत या घायल होने की स्थिति क्यों सामने आती है, जबकि दूसरा वन्यजीव सुरक्षित निकल जाता है। साथ ही, संघर्ष के बाद दूसरे वन्यजीव की तलाश और उसकी स्थिति का पता लगाने को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। इस मामले में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की आगे की जांच से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी