मंदसौरः भारतीय भाषाओं में ज्ञान परंपरा और हिंदी की संभावनाएं विषय पर व्याख्यान संपन्न
मंदसौर, 19 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर स्थित प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी विभाग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत शनिवार को भारतीय भाषाओं में ज्ञान परंपरा और हिंदी की संभावनाएं विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. उमा गगरानी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया।
डॉ. गगरानी ने भारतीय भाषाओं की समृद्ध ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की विविध भाषाओं में सदियों से ज्ञान, साहित्य, संस्कृति, दर्शन और जीवन-मूल्यों की समृद्ध परंपरा संरक्षित है।
कार्यक्रम के स्वागत वक्तव्य में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. ललिता लोधा ने भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदी के अंतसंर्बंधों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. जे. एस. दुबे ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने के लिए अपनी भाषाओं को समझना आवश्यक है और इसमें हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता एवं कविता पाठ का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों ने हिंदी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साहित्यकारों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही कविता पाठ के माध्यम से हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में भारतीय संस्कृति, दर्शन, साहित्य, इतिहास तथा ज्ञान-विज्ञान से संबंधित पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का उत्साहपूर्वक अवलोकन करते हुए विभिन्न पुस्तकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा जैन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. द्युति मिश्रा ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

