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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


भोपाल, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुधवार को भोपाल में अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, सार्वजनिक संपत्ति के प्रबंधन और नर्मदा जल विवाद से जुड़े मुद्दों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने प्रदेश के 13 जिलों में कथित रूप से 7,168 टन गेहूं के लापता होने, आगर मालवा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में चढ़ावे एवं आभूषणों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं तथा नर्मदा जल विवाद से जुड़े समझौते पर सरकार से जवाब मांगा।

उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा शासन में मंदिरों के चढ़ावे और संपत्ति के प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आगर मालवा जिले के माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में चढ़ावे और सोने-चांदी के आभूषणों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा भी जांच की पुष्टि की गई है।

सिंघार ने यह भी कहा कि इससे पहले ओरछा के राजा राम मंदिर से नकदी और आभूषण गायब होने का मामला सामने आ चुका है, जिसका समाधान अब तक नहीं हो सका है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि सरकार इस मामले की जांच और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करे।

एमएसपी पर खरीदे गए 7,168 टन गेहूं के लापता होने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे गए गेहूं के भौतिक सत्यापन के दौरान प्रदेश के 13 जिलों में 7,168 टन गेहूं सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में नहीं मिला। उनके अनुसार, इसकी अनुमानित कीमत करीब 18.82 करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं करा रही है और खाद्य विभाग से इस कथित गड़बड़ी पर जवाब मांगा। साथ ही यह भी पूछा कि यदि अनियमितता हुई है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

नर्मदा जल विवाद के समझौते पर भी सरकार को घेरा

सिंघार ने नर्मदा जल विवाद से जुड़े हालिया समझौते को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि मध्य प्रदेश के हितों से समझौता किया गया है और राज्य को 550 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की ओर से पहले अधिक राशि का दावा किया गया था, तो बाद में समझौते की शर्तें क्या रहीं और किन आधारों पर निर्णय लिया गया। उन्होंने सरकार से पूरे समझौते का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।

सरकार से पारदर्शिता की मांग

प्रेस वार्ता के दौरान उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं प्रकरण, मंदिर प्रबंधन और नर्मदा जल विवाद जैसे मामलों में सरकार को तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने इन सभी मुद्दों पर निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे