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खरीफ बुवाई में 23% गिरावट पर कमलनाथ ने जताई चिंता, बोले- केंद्र और राज्य सरकार तत्काल राहत योजना सार्वजनिक करें

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खरीफ बुवाई में 23% गिरावट पर कमलनाथ ने जताई चिंता, बोले- केंद्र और राज्य सरकार तत्काल राहत योजना सार्वजनिक करें


अल्प वर्षा से धान का रकबा 25% घटा, सोयाबीन, अरहर और मूंगफली की बुवाई भी प्रभावित, किसानों के लिए पूर्व तैयारी की मांग

भोपाल, 01 जुलाई (हि.स.)। कमजोर मॉनसून के बीच देश में खरीफ सीजन की फसलों की बुआई में बड़ी गिरावट आई है। पिछले साल के मुकाबले 25 जून तक बुआई के रकबे में करीब 23 फीसदी गिरावट आई है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खरीफ फसलों की बुवाई में आई गिरावट और अल्प वर्षा की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए केन्द्र एवं राज्य सरकार से किसानों के लिए तत्काल राहत एवं सहायता योजना सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय के आंकड़े देश के कृषि क्षेत्र के सामने गंभीर संकट की ओर संकेत कर रहे हैं और सरकार को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए।

कमलनाथ ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार अब तक अल्प वर्षा के कारण खरीफ फसलों की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत पीछे चल रही है, जबकि धान का रकबा लगभग 25 प्रतिशत घट गया है। इसके अलावा सोयाबीन, अरहर और मूंगफली जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई में भी कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति का सबसे अधिक असर मध्यप्रदेश के करोड़ों किसानों पर पड़ सकता है। अच्छी बारिश की सभी को उम्मीद है, लेकिन केवल उम्मीद के भरोसे रहना उचित नहीं होगा। मौसम के पूर्वानुमानों को देखते हुए सरकार को पहले से राहत और सहायता की तैयारी करनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि वर्षा की स्थिति सामान्य नहीं होती है तो किसानों की सहायता के लिए उनके पास क्या कार्ययोजना है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि आग लगने पर कुआँ खोदने जैसी परिस्थिति बन जाए। कमलनाथ ने कहा कि कृषि मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और किसान पहले से ही खाद, बीज, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा फसल बीमा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार को संभावित कृषि संकट से निपटने के लिए अपनी राहत योजना तत्काल सार्वजनिक करनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 25 जून तक देश भर में खरीफ फसलों का कुल रकबा 182.72 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि (236.46 लाख हेक्टेयर) के मुकाबले पूरे 23 प्रतिशत कम है। मुख्य खरीफ फसल यानी धान का रकबा 25.17 प्रतिशत घटकर 34.41 लाख हेक्टेयर से 25.75 लाख हेक्टेयर पर आ गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे