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बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग होगा 4-लेन, 6,528 करोड़ की परियोजना से कटनी जंक्शन की बदलेगी तस्वीर

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बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग होगा 4-लेन, 6,528 करोड़ की परियोजना से कटनी जंक्शन की बदलेगी तस्वीर


कटनी, 10 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के प्रमुख रेलवे केंद्र कटनी के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बिलासपुर से कटनी के बीच 367 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग को चार लाइन (4-Track) में अपग्रेड करने की मंजूरी दी है। करीब 6,528 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से कटनी जंक्शन पर लंबे समय से बनी रेल यातायात की समस्या कम होने और ट्रेनों की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है।

कटनी जंक्शन पर ट्रेनों की लेटलतीफी होगी कम

वर्तमान में बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग के कुछ हिस्सों में दोहरी या तीसरी लाइन उपलब्ध है। क्षमता सीमित होने के कारण कटनी की ओर आने वाली अथवा यहां से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को सिग्नल के इंतजार में आउटर पर रुकना पड़ता है। कई बार ट्रेनों को लूप लाइन में भी लेना पड़ता है। चार लाइन का ट्रैक तैयार होने के बाद यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी और यात्रियों के समय की बचत हो सकती है।

रेल मंत्री ने कटनी-छत्तीसगढ़ क्षेत्र की अहमियत बताई

परियोजना की घोषणा के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस रेल नेटवर्क के विस्तार पर पिछले 50-60 वर्षों में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कटनी और इससे जुड़े क्षेत्र को देश की ऊर्जा सुरक्षा और माल ढुलाई के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। परियोजना से रेल यातायात का दबाव कम करने के साथ कटनी और आसपास के आदिवासी तथा औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कटनी के लिए क्या होंगे बड़े फायदे?

समयबद्ध रेल संचालन: अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों को आउटर पर लंबे समय तक रोकने की जरूरत कम हो सकती है। कटनी से बिलासपुर, रायपुर और नागपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को अधिक सुगम रेल सेवा मिलने की उम्मीद है।

माल ढुलाई को मिलेगी रफ्तार: अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से कोयला, सीमेंट और अन्य औद्योगिक खनिजों की ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। इससे कटनी को बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है। व्यापार और रोजगार के अवसर: माल परिवहन की क्षमता बढ़ने और लागत कम होने से स्थानीय उद्योगों तथा कारोबार को फायदा मिलने की संभावना है। इससे नए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

नई ट्रेनों की संभावनाएं बढ़ेंगी: चार लाइन का रेल मार्ग तैयार होने के बाद इस कॉरिडोर पर यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की अतिरिक्त क्षमता विकसित होगी। इससे भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी आसान हो सकता है।

यह परियोजना पूरी होने के बाद कटनी जंक्शन और बिलासपुर-कटनी रेल कॉरिडोर की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे यात्री परिवहन के साथ औद्योगिक और माल ढुलाई व्यवस्था को भी गति मिल सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश चतुर्वेदी