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जीतू पटवारी ने बच्चों की सुरक्षा पर सरकार से की श्वेत पत्र जारी करने की मांग

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जीतू पटवारी ने बच्चों की सुरक्षा पर सरकार से की श्वेत पत्र जारी करने की मांग


भाेपाल, 06 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा कानून-व्यवस्था का सबसे संवेदनशील मानक है और इस विषय पर सरकार को राज्य स्तरीय श्वेत पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

जीतू पटवारी ने गुरुवार काे लिखे अपने पत्र में कहा कि प्रदेश में बच्चों से जुड़े अपराधों में लगातार वृद्धि चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बच्चों के अपहरण एवं गुमशुदगी के मामलों पर राज्य स्तरीय श्वेत पत्र जारी किया जाए तथा इस दिशा में ठोस और जवाबदेह व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिले में बाल अपहरण मामलों की मासिक सार्वजनिक समीक्षा अनिवार्य की जाए, लंबित मामलों के लिए विशेष जांच अभियान चलाकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, रेलवे पुलिस और बाल संरक्षण संस्थाओं के बीच समन्वित तंत्र विकसित किया जाए। इसके अलावा मानव तस्करी एवं संगठित गिरोहों से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष संयुक्त टास्क फोर्स गठित करने और पिछले पांच वर्षों में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों एवं उनकी प्रगति का सार्वजनिक विवरण जारी करने की भी मांग की।

पटवारी ने अपने पत्र में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 2024 के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में बच्चों के अपहरण के 11,594 मामले दर्ज हुए, जो महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरे सबसे अधिक हैं। उनके अनुसार वर्ष 2020 में ऐसे मामलों की संख्या 7,058 थी, जिसके मुकाबले 2024 में लगभग 64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में देशभर में बच्चों के अपहरण के कुल 75,108 मामलों में से 15 प्रतिशत से अधिक मामले अकेले मध्यप्रदेश के हैं। वहीं प्रदेश में 19,131 बच्चों के लापता होने के मामले दर्ज हुए, जिनमें 15,282 लड़कियां और 4,886 लड़के शामिल हैं।

पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि इन आंकड़ों का उद्देश्य भय का वातावरण बनाना नहीं, बल्कि सरकार का ध्यान एक गंभीर सामाजिक एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। उनका कहना था कि यदि कोई राज्य लगातार इस प्रकार के मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है, तो यह केवल पुलिस व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शासन, सामाजिक सुरक्षा, बाल संरक्षण और अपराध नियंत्रण तंत्र के लिए भी गंभीर चुनौती है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे समाज का विषय है। प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से अपेक्षा की है कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे