राजगढ़ पुलिस का बड़ा साइबर जागरूकता अभियान, 18 कार्यक्रमों में 2260 से अधिक छात्र-शिक्षक हुए शामिल
राजगढ़,25 जून (हि.स.)। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए मप्र के राजगढ़ में पुलिस ने जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत गुरुवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 18 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 2260 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्कूल स्टाफ को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के नए और तेजी से बदलते तरीकों के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लोगों को फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप के माध्यम से अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, साइबर बुलिंग, फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिम, यूपीआई भुगतान धोखाधड़ी तथा क्यूआर कोड स्कैम जैसी घटनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को लालच, भय या झूठी जानकारी देकर ठगी का शिकार बनाते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड की जानकारी, सीवीवी नंबर, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही इंटरनेट पर उपलब्ध संदिग्ध मोबाइल एप, अज्ञात लिंक और क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचने की सलाह दी गई। कार्यक्रमों में सोशल मीडिया का जिम्मेदारी और सावधानीपूर्वक उपयोग करने का संदेश भी दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवा वर्ग इंटरनेट और सोशल मीडिया का सबसे अधिक उपयोग करता है, इसलिए उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो अधिकांश साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
राजगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि डिजिटल दुनिया को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

