अलसी के डंठलों से रेशा निर्माण की दिशा में पहल, कलेक्टर ने किया निरीक्षण
मंदसौर, 08 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में कृषि अपशिष्ट के बेहतर उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अलसी के डंठलों से रेशा (फाइबर) निर्माण की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग ने ग्राम गुलियाना पहुंचकर किसान जगदीश माली के खेत पर बेलर मशीन से डंठलों को एकत्रित करने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि डंठलों के संग्रहण के बाद मशीनों के माध्यम से उनकी प्रोसेसिंग शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर कच्चे माल से लेकर धागा और रेशा निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए। साथ ही एफपीओ और संबंधित अधिकारियों को बेहतर मार्केट लिंक तैयार करने और खरीदारों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
एफपीओ प्रतिनिधियों ने बताया कि डंठलों के भंडारण के लिए लोहे के शेड का निर्माण किया जा रहा है, जहां सुरक्षित तरीके से सामग्री रखकर आगे फाइबर उत्पादन किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर मशीन निर्माण के प्रयास भी किए गए हैं, जिनकी मदद से रेशा तैयार किया जाएगा।
कलेक्टर ने परिवहन लागत कम करने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को अपने खेत या घर पर ही डंठलों का संग्रहण करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वे सीधे खरीदारों को बेच सकें और अतिरिक्त खर्च से बच सकें। इस दौरान अलसी से तेल उत्पादन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
निरीक्षण के समय सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन, मंदसौर ग्रामीण एसडीएम, कृषि विभाग के अधिकारी एवं एफपीओ से जुड़े किसान मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

