home page

इंदौर में पानी की राजनीति के बदले सुर, 24 घंटे में बदली तस्वीर, महेंद्र हार्डिया ने की महापौर की सराहना

 | 
इंदौर में पानी की राजनीति के बदले सुर, 24 घंटे में बदली तस्वीर, महेंद्र हार्डिया ने की महापौर की सराहना


जल संकट और पानी की टंकियों को लेकर शुरू हुआ विवाद, मुलाकात के बाद दिखी भाजपा में एकजुटता

इंदौर, 20 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में जल संकट और पानी की टंकियों को लेकर भाजपा के भीतर उभरी नाराजगी महज 24 घंटे में बदलती नजर आई। मंगलवार को विधायक महेंद्र हार्डिया द्वारा विधानसभा क्रमांक-5 के साथ भेदभाव और पानी की टंकियों के वितरण को लेकर नाराजगी जताई गई थी, वहीं बुधवार को वे भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निवास पहुंचे और जल वितरण व्यवस्था की खुलकर सराहना की।

दरअसल मंगलवार को शहर की राजनीति में उस समय हलचल मच गई थी, जब अमृत-2 योजना के तहत बनने वाली पानी की टंकियों को लेकर विधायक हार्डिया की नाराजगी सामने आई। उनका आरोप था कि शहर में प्रस्तावित 40 पानी की टंकियों में विधानसभा-5 को केवल एक टंकी दी गई है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में जल संकट और कई टंकियों के आधी क्षमता से भरने की समस्या को लेकर हार्डिया समर्थक पार्षद प्रदर्शन की तैयारी में थे। इतना ही नहीं, भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान भी तनाव की स्थिति बन गई थी और विधायक कार्यक्रम छोड़कर चले गए थे। बताया गया कि इस मुद्दे को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में भी उठाया गया था। वहीं महापौर पक्ष का कहना था कि विधानसभा-5 क्षेत्र में पहले से सबसे अधिक पानी की टंकियां मौजूद हैं और नई टंकियों के लिए विधायक से स्थान भी मांगे गए थे।

मुलाकात के बाद बदला माहौल

बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदला हुआ दिखाई दिया। विधायक महेंद्र हार्डिया और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा महापौर निवास पहुंचे, जहां जल संकट और वितरण व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान विधायक हार्डिया ने कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम की टीम लगातार मेहनत कर रही है, जिसके चलते शहर में पानी की आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा ने दिया एकजुटता का संदेश

राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को भाजपा के भीतर उभरी नाराजगी को शांत करने और संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा-5 में जल संकट और पानी की समस्याओं को लेकर असंतोष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर नेताओं का साथ आना भाजपा के भीतर समन्वय और संवाद का संकेत माना जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे