इंदौर के महूनाका पर ट्रैफिक पुलिस और भाजपा नेताओं में टकराव, चक्काजाम के बाद दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, टीआई फील्ड से हटाई गईं
इंदौर, 08 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के महूनाका चौराहे पर शुक्रवार को हेलमेट चेकिंग अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला सड़क पर प्रदर्शन और चक्काजाम तक पहुंच गया। भाजपा विधानसभा-4 के प्रभारी वीरेंद्र शेंडगे ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौके पर जुट गए और जमकर हंगामा किया।
स्थिति बिगड़ती देख ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कॉन्स्टेबल शेखर और सूबेदार लक्ष्मी धुर्वे को निलंबित कर दिया। वहीं ट्रैफिक टीआई राधा यादव को फील्ड ड्यूटी से हटाकर कार्यालय अटैच कर दिया गया है। एसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। सीसीटीवी और वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हेलमेट चेकिंग के दौरान बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे शुक्रवार दोपहर दोपहिया वाहन से महूनाका चौराहे से गुजर रहे थे। उसी दौरान ट्रैफिक पुलिस हेलमेट चेकिंग अभियान चला रही थी। मौके पर टीआई राधा यादव, श्रद्धा और लक्ष्मी धुर्वे सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने शेंडगे को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी अचानक बाइक के सामने आ गया और वाहन नहीं रुकने पर हाथ उठा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। वीरेंद्र शेंडगे ने आरोप लगाया कि उन्हें सिग्नल पर रोककर थप्पड़ मारा गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने मामले में वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि शेंडगे मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चला रहे थे, इसलिए उन्हें रोका गया था।
समर्थकों ने किया चक्काजाम
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में महूनाका चौराहे पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टीआई राधा यादव और संबंधित पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग शुरू कर दी। विरोध बढ़ने पर कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने से महूनाका से जुड़े कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
जांच में क्या सामने आया?
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो फुटेज की जांच की। प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि वीरेंद्र शेंडगे मोबाइल पर बात करते हुए नजर नहीं आए। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रही भीड़ ने एक बिना हेलमेट जा रहे पुलिसकर्मी को भी रोक लिया और उसके साथ धक्का-मुक्की की। स्थिति संभालने पहुंचे एसीपी ने मौके पर ही संबंधित पुलिसकर्मी का चालान बनाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कुछ शांत हुआ।
घटना के बाद शहर में कानून व्यवस्था और राजनीतिक दबाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर भाजपा कार्यकर्ता पुलिस पर अभद्रता और मनमानी का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सड़क पर विरोध और राजनीतिक दबाव के बाद हुई त्वरित कार्रवाई पुलिस प्रशासन पर प्रभाव का संकेत है। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और अंतिम कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

