इंदौर में लोकायुक्त से नामांतरण घोटाले की जांच की मांग, कांग्रेस का आरोप- बड़े दोषियों को बचाने का खेल बंद हो
इंदौर, 18 अगस्त (हि.स.)। इंदाैर नगर निगम के नामांतरण घोटाले को लेकर कांग्रेस ने जांच लोकायुक्त पुलिस से कराने की मांग की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा में आरोप लगाया कि नामांतरण घोटाले की जांच में भी घोटाला किया गया है।
उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट में कुछ छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराकर कार्रवाई की गई, लेकिन इतने बड़े स्तर पर संपत्तियों के रिकॉर्ड में बदलाव करने वाले मास्टरमाइंड और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट नहीं की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामला महज प्रशासनिक अनियमितता का नहीं, बल्कि धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। ऐसे में नगर निगम आयुक्त को जांच की पूरी फाइल लोकायुक्त पुलिस को सौंपनी चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और घोटाले के पीछे अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सके।
356 संपत्तियों के रिकॉर्ड में बदलाव का आरोप
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 356 संपत्तियों के रिकॉर्ड में मालिकों के नाम बदल दिए। मामला सामने आने के बाद तत्कालीन नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट निगम को सौंप दी, जिसके आधार पर कुछ कर्मचारियों के निलंबन और कुछ की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई।
कांग्रेस ने पूछा-मास्टरमाइंड कौन?
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोटका सवाल है कि यदि 356 संपत्तियों के रिकॉर्ड बदले गए तो इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने वाला मास्टरमाइंड कौन है? कांग्रेस का आरोप है कि जांच रिपोर्ट में इसका स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर संपत्तियों के रिकॉर्ड में बदलाव केवल कुछ छोटे कर्मचारियों के स्तर पर संभव नहीं है। इसके पीछे बड़े स्तर पर मिलीभगत की आशंका है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है, जबकि बड़े जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है।
कांग्रेस के प्रमुख सवाल
356 संपत्तियों के नाम किसके निर्देश पर बदले गए?
51 संपत्तियों को आगे बेचने की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत मिली?
पूरे मामले का मास्टरमाइंड कौन है?
बड़े अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जांच में केवल छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई क्यों की गई?
लोकायुक्त को सौंपने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि मामले की शिकायत केवल साइबर क्राइम में करने के बजाय पूरी जांच फाइल लोकायुक्त पुलिस को सौंपी जानी चाहिए। लोकायुक्त की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि नामांतरण में गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसके तार किन-किन लोगों तक जुड़े हैं।
पटेल नगर और भागीरथपुरा मामलों का भी जिक्र
कांग्रेस नेताओं ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल में हुए पटेल नगर बावड़ी हादसे और भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि इन मामलों में भी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। नेताओं ने कहा कि स्वच्छता के लिए देश-दुनिया में पहचान बनाने वाले इंदौर की छवि अब ऐसे मामलों से भी प्रभावित हो रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

