इंदौर: आकांक्षा योजना में अनियमितताओं का आरोप, छात्रों का कलेक्टर ऑफिस के बाहर धरना
आदिवासी विद्यार्थियों ने कोचिंग व्यवस्था पर उठाए सवाल, बोले-“भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
इंदौर, 27 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में आकांक्षा योजना के तहत आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को दी जा रही नीट कोचिंग में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। हाथों में तख्तियां और पोस्टर लिए छात्र योजना संचालित कर रही एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर निरस्त करने, 24 माह की कोचिंग पूरी कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
धरने पर बैठे छात्रों और छात्र नेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले छह महीने से लगातार शिकायतों और आंदोलन के बावजूद अधिकारियों द्वारा सिर्फ जांच का आश्वासन देकर छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
“न्याय मांगने आए हैं, एहसान नहीं”
छात्र नेता पवन अहिरवार ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि आदिवासी और गरीब विद्यार्थियों के भविष्य को बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आकांक्षा योजना के नाम पर छात्रों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दी गईं। उन्होंने कहा, “छात्र यहां अपनी मांगें लेकर नहीं, बल्कि न्याय मांगने आए हैं। प्रशासन जांच के नाम पर लगातार बरगला रहा है। बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है और जिम्मेदार अधिकारी चुप बैठे हैं।”
“टेबलेट नहीं मिले, सिलेबस अधूरा रह गया”
धरना दे रहे छात्रों ने बताया कि योजना के तहत उन्हें टेबलेट, मॉड्यूल, स्टेशनरी और नियमित कोचिंग उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन इनमें से अधिकांश सुविधाएं अब तक नहीं मिलीं। छात्रों का कहना है कि उन्हें दिसंबर में बुलाया गया, जबकि गाइडलाइन के अनुसार सितंबर से कोचिंग शुरू हो जानी चाहिए थी। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि नीट की तैयारी के नाम पर उन्हें बुलाया गया, लेकिन न तो नियमित क्लास लगीं और न ही 11वीं का सिलेबस पूरा हो पाया। कई छात्रों ने कहा कि अब तक एक भी छात्र को टेबलेट उपलब्ध नहीं कराया गया है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आकांक्षा योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों की 24 माह की नीट कोचिंग पूरी कराई जाए।
एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए।
छात्रों द्वारा की गई शिकायतों में दर्ज बयान सार्वजनिक किए जाएं।
बिना मॉड्यूल, टेबलेट और नियमित कोचिंग के बिल पास किए जाने की जांच कर जानकारी सार्वजनिक की जाए।
कोचिंग संस्था, शिक्षकों और संबंधित दस्तावेजों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
मामले में आरोपी बताए जा रहे मुकुल बंसल पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
प्रशासन बोला- जांच के लिए बनेगी टीम
धरना प्रदर्शन के बीच प्रशासनिक अधिकारी भी छात्रों से चर्चा करने पहुंचे। एसडीएम घनश्याम धनगर ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि हॉस्टल, कोचिंग और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े बिंदुओं की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने छात्रों को समझाइश देने का भी प्रयास किया, हालांकि देर शाम तक छात्र धरने पर डटे रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

