(अपडेट) उज्जैन बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल, भस्म आरती में हुए शामिल
उज्जैन, 19 जून (हि.स.)। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल शुक्रवार तड़के मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्ति और आध्यात्मिकता से सराबोर इस विशेष अवसर पर चहल करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती के साक्षी बने।
शुक्रवार तड़के सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे चहल ने विधि-विधान से भगवान महाकाल के दर्शन किए। भस्म आरती के दौरान वे पूरी श्रद्धा के साथ बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। आरती के बाद उन्होंने नंदी महाराज का पूजन-अभिषेक कर उनके कान में अपनी मनोकामना व्यक्त की। इसके पश्चात चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
ऐसा अनुभव जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता
दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से युजवेंद्र चहल का सम्मान किया गया। इस दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए चहल ने कहा, यह मेरी पहली भस्म आरती थी। इसके बारे में बहुत सुना था और तस्वीरों व वीडियो में भी देखा था, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से इसमें शामिल होना एक अलग ही अनुभूति है। महाकाल के दरबार में जो आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति महसूस हुई, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा, जब भी बाबा महाकाल का बुलावा आएगा, मैं यहां दर्शन के लिए जरूर आऊंगा।
मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना
युजवेंद्र चहल ने महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद मंदिर प्रशासन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित कर रहा है, जो सराहनीय है।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
भारतीय क्रिकेटर के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया। कई भक्तों ने चहल की एक झलक पाने और उनके साथ तस्वीरें लेने का प्रयास किया। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बीच उन्होंने सहजता से श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया।
दिव्य श्रृंगार से सजे बाबा महाकाल
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शुक्रवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया। जलाभिषेक और पंचामृत पूजन के बाद भगवान को भांग, चंदन और सुगंधित पुष्प अर्पित किए गए। रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष माला और विभिन्न आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य अलंकरण किया गया। भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल के साकार स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयघोष से गुंजायमान रहा और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भस्म आरती का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

