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अनूपपुर: लगातार रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों पर संकट गहराया

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अनूपपुर: लगातार रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों पर संकट गहराया


अनूपपुर: लगातार रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों पर संकट गहराया


अनूपपुर: लगातार रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों पर संकट गहराया


अनूपपुर: लगातार रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों पर संकट गहराया


अनूपपुर, 02 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही रिमझिम और तेज बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। 5 दिनों में जिले में 42.2 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई। जो दिन-रात जारी रही। मंगलवार की रात से लगातार बारिश का दौर जारी हैं। जाे बुधवार काे भी जारी हैं जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है।

कलेक्टर रत्नाकर झा ने लोगों से उफनते पुल-पुलियों को पार नहीं करने और जलभराव वाले इलाकों में वाहन नहीं चलाने की अपील की है। वहीं नगर में बारिश से पत्ताव गोदाम में चौकीदार निवास भरभरा कर गिर गया। हालांकि इससे जनहानि नहीं हुई।

वहीं फसलों पर संकट के बादल छा सकते हैं। निरंतर बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियाँ सोन, तिपान, जोहिला, केवई, गोहंड्रा और अलान का जलस्तर बढ़ गया है। सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है, केवल कार्यालयीन और आवश्यक कार्य वाले लोग ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका है। पानी भरने के कारण किसान खेतों में खाद भी नहीं डाल पा रहे हैं। धान की पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं।

24 घंटे में 1.66 इंच बारिश

अधीक्षक भू-अभिलेख कार्यालय के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले के मौसम पर दो प्रमुख कारणों का प्रभाव दिख रहा है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए सिस्टम के कारण भी वर्षा जारी है। उन्होंने बताया कि जिले में भले ही कम वर्षा हुई है, लेकिन यह लगातार हो रही है और आगे भी बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में जिले में 10.2 मिमी बारिश हुई। सबसे ज्यादा बिजुरी में 27.2 और कोतमा में 25 मिमी बारिश दर्ज की गई।

औसत से 55.8 मिमी ज्यादा बारिश

1 जून से अब तक जिले में 952.6 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में 855.2 मिमी बारिश हुई थी। जिले की औसत बारिश 896.8 मिमी है। यानी इस बार अब तक औसत से 55.8 मिमी ज्यादा बारिश हो चुकी है।

खेतों में लगी धान की फसलों को भी नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। लगातार बारिश के कारण धान के पत्ते पीले पड़ने लगे हैं और कीड़े का प्रकोप भी देखा जा रहा है। किसानों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि मौसम की यही स्थिति बनी रही, तो फसलों को और अधिक क्षति हो सकती है।

वहीं कृषि विभाग के अनुसार लगातार वर्षा से खेतों में अधिक मात्रा में जल जमाव की स्थिति हो गई है। लगातार वर्षा के कारण किसान खेतों में खाद का प्रयोग नहीं कर पा रहे है। वहीं लगातार वर्षा और जल जमाव के कारण पौधों का ग्रोथ नहीं हो पा रहा है।, इससे धान की फसल के पत्ते पीले पड़ने लगे है, कुछ क्षेत्रों में कीट लगने की भी जानकारी सामने आ रही है। अभी बारिश लगातार है इसलिए प्रकोप कम है, लेकिन बारिश बंद होने के बाद कीट का प्रकोप अधिक हो सकता है। फिलहाल जिले में लगातार वर्षा से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

कलेक्टर ने जारी की सावधानी

कलेक्टर रत्नाकर झा ने लोगों से उफनते पुल-पुलियों को पार नहीं करने और जलभराव वाले इलाकों में वाहन नहीं चलाने की अपील की है। उन्होंने गीले हाथों से बिजली उपकरण नहीं छूने और जलभराव वाले स्थानों पर सेल्फी, पिकनिक व नहाने से बचने की सलाह दी है।

24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 56 में 24 घंटे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष शुरू किया गया है। यहां तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सोनू सिंह राजपूत को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम से जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर की निगरानी की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला