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मौसम में उतार-चढ़ाव से बढ़ी मौसमी बीमारियां, जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज पहुंच रहे करीब एक हजार मरीज

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मंदसौर, 29 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंंदसौर जिले में लगातार बदल रहे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। तेज धूप, बादल और बारिश के बीच तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सुबह से ही मरीजों की कतारें लग रही हैं। सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खराश व संक्रमण के अलावा दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में मरीजों की दैनिक संख्या करीब एक हजार तक पहुंच गई है।

चिकित्सकों के मुताबिक कुछ समय पहले तक जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 500 से 600 मरीज आते थे। इसके बाद संख्या बढ़कर 800 तक पहुंची और अब रोजाना करीब एक हजार मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं।

तापमान में बदलाव से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा

चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों दिन में तेज धूप निकलने के बाद अचानक बादल छाने और बारिश होने से तापमान में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में शरीर को बदलते तापमान के अनुरूप ढलने में समय लगता है। पसीना आने के बाद ठंडी हवा या बारिश के संपर्क में आने से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।

बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। यही कारण है कि अस्पताल की ओपीडी में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

जिला अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. आकाश चौधरी ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान में सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल बुखार और गले के संक्रमण के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। इसके अलावा दस्त और पेट दर्द की शिकायत वाले मरीज भी उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया