home page

मध्य प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, 31 जिलों में बदलेगा मौसम, 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी

 | 
मध्य प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, 31 जिलों में बदलेगा मौसम, 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी


- अगले चार दिन बदला रहेगा मौसम, पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा असर की आशंका

भोपाल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। अगले चार दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को 31 जिलों में मौसम प्रभावित होने का अनुमान है, जबकि सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं है। इन इलाकों में धूप खिलने की संभावना है।

चक्रवात के असर से धार जिले में ठंड बढ़ गई है। तेज हवाओं के बीच यहां न्यूनतम तापमान में एक दिन में 4.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री था, जो बुधवार सुबह घटकर 11.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शाजापुर के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा। शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, दिन में कई जगह पारा अब भी 35 डिग्री के करीब बना हुआ है। उज्जैन, भोपाल के बैरसिया, धार, खंडवा, खजुराहो, सागर, मंदसौर और नीमच के मरुखेड़ा में अधिकतम तापमान 34.3 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

चक्रवात का असर 29 और 30 अक्टूबर को ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में 29 अक्टूबर को करवा चौथ पर बादल छाए रहने और बारिश के कारण चांद के दीदार में परेशानी हो सकती है। इस दिन प्रदेश में बादल, आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार, 11 जिलों में अति भारी और 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि अन्य 35 जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ आगे बढ़ रहा है। इसका असर मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा दिखाई देने की संभावना है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात से होने वाली बारिश किसानों की चिंता बढ़ा सकती है। पूर्वी मध्यप्रदेश में खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जबलपुर संभाग के बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की खेती होती है। ऐसे में लगातार बारिश से फसल की कटाई और खेतों में चल रहे कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, रीवा संभाग में किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं। बारिश के कारण बुआई के काम में भी बाधा आ सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में खरीफ की प्रमुख फसलों में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल और कुछ क्षेत्रों में मोटे अनाज शामिल हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत