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शहडोल:  हिन्दुस्थान समाचार की खबर का असर, मां के ममता की जीत, दिव्यांग छात्र को मिला ई-रिक्शा

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शहडोल:  हिन्दुस्थान समाचार की खबर का असर, मां के ममता की जीत, दिव्यांग छात्र को मिला ई-रिक्शा


शहडोल, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले मां की पीठ पर लदकर स्कूल जाने वाला दिव्यांग छात्र (बेटे) को पढ़ाने के लिए मां का हर दिन बैसाखी बन जाना। जिले के सुदूर झिकबिजुरी क्षेत्र से मां-बेटे के संघर्ष की यह तस्वीर जब 7 सितंबर काे बहुभाषी न्यूज एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो इसका असर जिला प्रशासन तक पहुंचा।

परिवार के लिए राहत की खबर यह रही कि प्रशासन ने शनिवार को दिव्यांग छात्र राजकुमार जायसवाल को इलेक्ट्रिक रिक्शा उपलब्ध करा दिया है। साथ ही उसे केयरटेकर की सुविधा के साथ हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने की मंजूरी भी दी गई है। यह मां की ममता की जीत हैं।

घर से स्कूल 10 किलोमीटर दूर

शहडोल जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी दूर दर्शीला गांव के राजकुमार जायसवाल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झिक बिजुरी में कक्षा 12वीं का छात्र हैं। स्कूल करीब 10 किलोमीटर दूर है। दिव्यांगता के चलते स्कूल तक पहुंचना आसान नहीं था। पहले मां ही बेटे की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई थीं। वे अपनी पीठ पर बैठाकर घर से बस स्टैंड और बस से स्कूल पहुंचते थे। स्कूल पहुंचकर मां बेटे को अपनी पीठ पर उठाकर कक्षा तक पहुंचाती थीं। मां दिनभर बेटे के साथ रहकर उसकी देखभाल करतीं और फिर छुट्टी होने पर वापस घर लेकर आती थी।

केयरटेकर के साथ हॉस्टल में रहने की अनुमति

पढ़ाई न छूटे इसके लिए मां ने अपनी तकलीफ को कभी आड़े नहीं आने दिया। इस संघर्ष को बहुभाषी न्यूज एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार ने प्रमुखता से दिखाई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मदद का रास्ता निकाला। अब राजकुमार को इलेक्ट्रिक रिक्शा मिलने से स्कूल आने-जाने का सफर काफी आसान होगा, अब राज कुमार अपनी मां की गोद पीठ से निकलकर सड़कों पर चलेंगे। केयरटेकर के साथ हॉस्टल में रहने की अनुमति मिलने से उसकी पढ़ाई अच्छे से होगी।

मां के जिद की जीत

जिस बेटे की शिक्षा के रास्ते में उसकी दिव्यांगता दीवार बन रही थी, उसी रास्ते पर अब प्रशासन ने मदद का हाथ बढ़ाया है। यह सिर्फ एक दिव्यांग छात्र को मिली सहायता नहीं, बल्कि एक मां की जिद की जीत है, जिसने बेटे के सपनों को अपनी पीठ पर ढोकर भी उसकी पढ़ाई रुकने नहीं दी। कलेक्टर पार्थ जायसवाल का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो संबंधी जानकारी मिली थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए छात्रा को ट्राई सायकिल उपलब्ध कराया है।

मनीष शुक्ला

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला