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सागरः आईएमए में एनआईसीयू प्रबंधन एवं नवजात चिकित्सा पर उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सेमिनार आयोजित

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सागरः आईएमए में एनआईसीयू प्रबंधन एवं नवजात चिकित्सा पर उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सेमिनार आयोजित


सागर, 09 अगस्त (हि.स.)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की सागर शाखा द्वारा रविवार को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) के सफल प्रबंधन और जटिल नवजात रोगों के उपचार पर एक उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक आयोजन में सागर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने भाग लिया और नवजात शिशु देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।

सेमिनार के प्रथम वैज्ञानिक सत्र में प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप सुखदेवे ने NICU में भर्ती समयपूर्व (प्री-मैच्योर) जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार शिशुओं में फंगल संक्रमण के बढ़ते खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संक्रमण के लक्षणों की समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है। एनआईसीय में संक्रमण नियंत्रण के कड़े मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए। एंटीफंगल दवाओं का साक्ष्य-आधारित और विवेकपूर्ण उपयोग ही नवजात शिशुओं के सुरक्षित उपचार की कुंजी है।

द्वितीय सत्र के दौरान डॉ. दीपक गोयल ने जन्मजात हाइड्रोनेफ्रोसिस के सटीक निदान और प्रबंधन पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति के अधिकांश मामलों में नियमित अल्ट्रासाउंड और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी से ही स्थिति नियंत्रण में रहती है। यदि मूत्र मार्ग में रुकावट हो, बार-बार संक्रमण की समस्या आए या गुर्दे की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही हो, तब ही शल्य चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है।

तृतीय सत्र में डॉ. स्वप्निल भिसीकर ने एनआईसीय में आने वाले अत्यंत गंभीर मामलों के प्रबंधन पर अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए निम्न घटक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विभिन्न केस-स्टडीज के माध्यम से उपस्थित चिकित्सकों को उपचार की व्यावहारिक रणनीतियों के बारे में जानकारी दी।

आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि इस प्रकार के अनुभव-आधारित और वैज्ञानिक आयोजन चिकित्सकों के नैदानिक कौशल, व्यावसायिक ज्ञान और जटिल निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करते हैं। सेमिनार के दौरान उपस्थित चिकित्सकों ने विशेषज्ञों के साथ केस-आधारित चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन डॉ. स्वाति पटेल द्वारा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे