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नर्मदा की बीच धारा में 150 मीटर का रास्ता बनाकर अवैध रेत खनन, प्रशासन हरकत में

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नर्मदा की बीच धारा में 150 मीटर का रास्ता बनाकर अवैध रेत खनन, प्रशासन हरकत में


नरसिंहपुर, 22 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर और जबलपुर जिले की सीमा पर स्थित सांकलघाट में नर्मदा नदी की बीच धारा से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है। एक दिन पहले सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने इस अवैध कारोबार की पोल खोल दी, जिसके बाद प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई है।

बताया जा रहा है कि सीमावर्ती इस क्षेत्र में वर्तमान में किसी भी जिले की कोई वैध रेत खदान स्वीकृत नहीं है, बावजूद इसके नदी के बीच से बेखौफ तरीके से रेत निकाली जा रही है।

सामने आए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि रेत माफिया ने घाट किनारे से नदी के अंदर तक करीब 150 मीटर लंबा कच्चा रास्ता तैयार कर लिया है। इसी रास्ते के जरिए पोकलेन मशीन, डंपर और हाइवा जैसे भारी वाहन नर्मदा नदी के बीच तक पहुंच रहे हैं और बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है और इससे नर्मदा नदी के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। नदी क्षेत्र में मशीनों के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि नर्मदा में खनन को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और न्यायालयों द्वारा कई सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नर्मदा संरक्षण से जुड़े एक व्यक्ति ने अवैध खनन के वीडियो और तस्वीरें जिला प्रशासन तक पहुंचाईं, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया।

नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जबलपुर जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी है। सीमावर्ती मामला होने के कारण संयुक्त कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। अब दोनों जिलों के प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम की कार्रवाई पर नजर है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नर्मदा नदी को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार /संजय पचोरी

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा