परसमनिया पठार में जल-जंगल-जमीन के अधिकार को लेकर 6 मार्च को भूख हड़ताल
सतना, 26 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा जनपद अंतर्गत परसमनिया पठार क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन के अधिकार को लेकर आदिवासी समुदाय ने आंदोलन की घोषणा की है। क्षेत्र में कथित प्रशासनिक उदासीनता और योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों के समर्थन में पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं अधिवक्ता कमल सिंह मरकाम ने 6 मार्च 2026 से भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है।
मरकाम ने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आरोप लगाया कि बीपीएल कार्डधारी पात्र परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि परसमनिया पठार की गरीब जनता आजीविका संकट से जूझ रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जल, जंगल और जमीन के अधिकार की लड़ाई को निर्णायक रूप देने के लिए 6 मार्च को परसमनिया पठार में भूख हड़ताल शुरू की जाएगी, जो तब तक जारी रहेगी जब तक पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार और समस्याओं का समाधान नहीं मिल जाता।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि मरकाम लंबे समय से गरीबों के हित में आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अपेक्षित पहल नहीं हो रही है। अब क्षेत्र की नजर 6 मार्च को प्रस्तावित इस आंदोलन पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शासन-प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

