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पण्डोखर धाम की पितृशिला पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया पितृ पूजन

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पण्डोखर धाम की पितृशिला पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया पितृ पूजन


दतिया, 10 अक्टूबर (हि.स.)। सर्वपितृमोक्ष अमावस्या के अवसर पर श्री पण्डोखर सरकार धाम में पितरों की शांति और मोक्ष की कामना के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। धाम में स्थापित पितृशिला पर शनिवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पितृ पूजन, तर्पण और पिण्डदान किया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपने पितरों को पितृशिला क्षेत्र में स्थान भी प्रदान किया।

पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर श्री गुरुशरण जी महाराज के सान्निध्य में हुए अनुष्ठान को धाम के मुख्य आचार्य पं. उमाशंकर शास्त्री के निर्देशन में सहयोगी आचार्यों ने संपन्न कराया। धार्मिक परंपरा के अनुसार अनुष्ठान में शामिल श्रद्धालुओं ने सबसे पहले केश त्यागकर मुण्डन कराया। इसके बाद पवित्र पुष्पवती नदी में स्नान कर श्वेत वस्त्र धारण किए और पितृ पूजन किया। श्रद्धालुओं ने तर्पण एवं पिण्डदान के माध्यम से अपने पितरों की शांति और मुक्ति की कामना की।

अनुष्ठान के अगले चरण में श्रद्धालुओं ने पुष्पवती नदी में पिण्ड विसर्जन किया और दोबारा स्नान किया। इसके बाद धाम में 251 वेदियों पर सामूहिक हवन किया गया। शाम को पितृशिला क्षेत्र में ब्राह्मणों और कन्याओं को भोजन कराया गया। श्रद्धालुओं ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार अंगवस्त्र, बर्तन और नकद राशि सहित विभिन्न वस्तुओं का दान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

श्री गुरुशरण जी महाराज के शिष्य तथा श्री पण्डोखर सरकार धाम के संस्थापक एवं सचिव मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने बताया कि धाम की पितृशिला पर प्रत्येक माह की श्राद्ध अमावस्या को भी श्रद्धालु अपने पितरों की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। प्रतिवर्ष पितृपक्ष की सर्वपितृमोक्ष अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पितृ पूजन करते हैं और अपने पितरों को पितृशिला क्षेत्र में स्थान प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि पितृशिला पर पूजन और पितरों को स्थान देने की परंपरा पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता के साथ सनातन धार्मिक मान्यताओं में आस्था का प्रतीक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा