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सागर: बंडा सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर बड़ी लापरवाही का आरोप, इलाज के बाद मासूम की आंखों की रोशनी गई

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सागर: बंडा सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर बड़ी लापरवाही का आरोप, इलाज के बाद मासूम की आंखों की रोशनी गई


सागर, 28 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक पिता ने बंडा के सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

पीड़ित परिवार का दावा है कि इस कथित लापरवाही के कारण उनके महज 1 साल 7 महीने (19 महीने) के मासूम बच्चे की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में परिजनों सहित स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंडा के ग्राम भूसा कमलपुर निवासी इन्द्राज विश्वकर्मा अपने बेटे विनय विश्वकर्मा को बीते 29 मई 2026 को इलाज के लिए बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्चे को सामान्य सर्दी और आंखों में लालिमा (रेडनेस) की शिकायत थी। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में ओपीडी पर्ची बनवाने के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बच्चे का परीक्षण किया और कुछ दवाइयां, आई ड्रॉप, सिरप और एक इंजेक्शन प्रिसक्राइब किया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों और इंजेक्शन के बाद बच्चे की हालत सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई। करीब तीन से चार घंटे तक अस्पताल में रुकने और डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बावजूद मासूम की स्थिति नाजुक हो गई। बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए बंडा अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया।

सागर जिला अस्पताल से भी राहत न मिलने पर मासूम विनय को बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स ले जाया गया, जहां विशेषज्ञों ने बच्चे की गहन जांच की। पीड़ित पिता इन्द्राज का आरोप है कि एम्स के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें बताया कि गलत या अत्यधिक हैवी दावइयों के असर से बच्चे की आंखों की रोशनी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका कहना है कि लापरवाही के कारण अब उनका बेटा कभी दुनिया नहीं देख पाएगा।

पीड़ित पिता इन्द्राज विश्वकर्मा ने रविवार को न्याय की गुहार लगाते हुए बंडा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पिता का कहना है कि वे ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को चेहरे से अच्छी तरह पहचानते हैं, लेकिन उनका नाम नहीं जानते। पुलिस ने फिलहाल आवेदन लेकर मामले को जांच में लिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे