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सीजेपी कार्यकर्ताओं की हिरासत पर हाईकोर्ट में सुनवाई, महिला के घर पहुंचने पर याचिका निराकृत

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सीजेपी कार्यकर्ताओं की हिरासत पर हाईकोर्ट में सुनवाई, महिला के घर पहुंचने पर याचिका निराकृत


जबलपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली जा रही महिला के सुरक्षित घर पहुंचने की जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण कर दिया।

महिला समेत पार्टी के कार्यकर्ताओं को इटारसी रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि संबंधित महिला सुरक्षित घर पहुंच गई है। इसके बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिका निराकृत कर दी।

मामले के अनुसार, सीजेपी के कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। आरोप है कि इटारसी रेलवे स्टेशन पर गोवा एक्सप्रेस से 16 कार्यकर्ताओं को उतारकर जीआरपी ने जिला पुलिस के हवाले कर दिया था। इनमें चार युवतियां और 12 युवक शामिल थे। पुलिस कार्रवाई के विरोध में कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने नर्मदापुरम के एसपी को हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को अदालत में पेश करने या रिहा करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस को नोटिस भी जारी किया था।

गोवा निवासी याचिकाकर्ता सार्दुल जितेंद्र बुआ ने याचिका में बताया था कि वह अपनी बहन प्रीति और अन्य साथियों के साथ दिल्ली जा रही थीं। सभी के पास ट्रेन की वैध टिकटें थीं, इसके बावजूद उन्हें इटारसी में ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया गया और जिला पुलिस को सौंप दिया गया।

सुनवाई के दौरान महिला के सुरक्षित घर पहुंचने की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने याचिका का निराकरण कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक