ट्विशा मौत मामले में हाई कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज की
जबलपुर, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने 26 अक्टूबर को यह फैसला सुरक्षित रख था जिसे आज बुधवार को अपलोड किया गया। गिरिबाला सिंह 2 जून 2026 से जेल में बंद हैं।
अदालत ने ट्विशा की मौत से पहले हुई व्हाट्सएप चैट, आखिरी फोन कॉल और घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। चैट में ट्विशा ने पति पर बच्चे के पितृत्व को लेकर सवाल उठाने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए थे। मौत से कुछ मिनट पहले उसने अपनी ननद को संदेश भेजकर लिखा था- मुझे अभी शांति से मरने दो।
कोर्ट के सामने पेश सीसीटीवी फुटेज में सास और पति रात 10:23 बजे छत की ओर जाते दिखाई दिए। अदालत ने दोनों पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और घटना के बाद आरोपियों के आचरण सहित विभिन्न परिस्थितियों पर विचार किया।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि ट्विशा के आईफोन डेटा और घर के DVR की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। वहीं, दहेज की मांग और दहेज हत्या के आरोपों को लेकर भी जांच जारी है।
अदालत ने माना कि पितृत्व को लेकर उठाए गए सवाल को मामले की अन्य परिस्थितियों से अलग करके नहीं देखा जा सकता। जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी लंबित होने के आधार पर एकलपीठ ने गिरिबाला सिंह को जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

