home page

मप्रः पर्युषण पर्व पर जैन कर्मचारियों को हाईकोर्ट की विशेष छूट, 15 से 26 सितंबर तक दो घंटे देर से पहुंच सकेंगे, काम प्रभावित न होने की शर्त

 | 
मप्रः पर्युषण पर्व पर जैन कर्मचारियों को हाईकोर्ट की विशेष छूट, 15 से 26 सितंबर तक दो घंटे देर से पहुंच सकेंगे, काम प्रभावित न होने की शर्त


जबलपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। पर्युषण पर्व के दौरान धार्मिक आराधना में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने जैन धर्मावलंबी अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष सुविधा दी है। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर हाईकोर्ट प्रशासन ने जैन कर्मचारियों को 15 से 26 सितंबर तक प्रतिदिन दो घंटे देरी से कार्यालय पहुंचने की अनुमति दी है।

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धर्मेंद्र सिंह ने 14 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक जैन धर्म मानने वाले अधिकारी-कर्मचारी अब सुबह 10 बजे के स्थान पर दोपहर 12 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। यह सुविधा जबलपुर स्थित मुख्य पीठ के अलावा इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ तथा उनसे जुड़े न्यायिक कार्यालयों में भी लागू रहेगी।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को दी गई इस विशेष छूट के कारण न्यायालय के नियमित कामकाज पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। प्रशासन ने आदेश की प्रतियां इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी हैं।

जैन समाज में पर्युषण पर्व को आत्मशुद्धि, तप, संयम और आत्मचिंतन का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। श्वेतांबर परंपरा में यह पर्व आठ दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु उपवास, प्रार्थना, अध्ययन और ध्यान के माध्यम से आत्मचिंतन करते हैं। पर्व के समापन पर संवत्सरी मनाई जाती है, जिसमें एक-दूसरे से क्षमा मांगने की परंपरा है।

हाईकोर्ट के इस निर्णय से जैन धर्मावलंबी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह की धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के बाद कार्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी। प्रशासन के इस फैसले को कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक