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अनूपपुर: 38 दिन बाद लौटा हाथियों का झुंड, वन विभाग और ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

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अनूपपुर: 38 दिन बाद लौटा हाथियों का झुंड, वन विभाग और ग्रामीणों ने ली राहत की सांस


अनूपपुर: 38 दिन बाद लौटा हाथियों का झुंड, वन विभाग और ग्रामीणों ने ली राहत की सांस


अनूपपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर अनूपपुर वन परिक्षेत्र में पहुंचे तीन हाथियों का समूह 38 दिनों बाद रविवार को वापस लौट गये हैं। जो जैतहरी के चोलना गांव की सीमा पार कर छत्तीसगढ़ के मरवाही स्थित मालाडांड के जंगल में प्रवेश कर गए। हाथियों के वापस लौटने से वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

यहा पांच हाथियों का समूह मूल रूप से आया था, जो छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश में प्रवेश हुआ था। इनमें से एक बड़ा हाथी कुछ दिन जैतहरी क्षेत्र में रहने के बाद पहले ही छत्तीसगढ़ लौट गया था। वहीं, एक अन्य 'खतरनाक' हाथी को बांधवगढ़ के रेस्क्यू दल ने शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र के रामपुर बीट से रेस्क्यू कर बांधवगढ़ ले जाया गया था। मध्य प्रदेश में विचरण के दौरान हाथियों के इस समूह ने कई ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ की थी। इसके साथ ही, उन्होंने खेतों और बाड़ियों में लगी विभिन्न फसलों को भी अपना आहार बनाया, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ था।

निगरानी के लिए टीमें तैनात रखीं

जैतहरी के वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि रविवार को हाथियों का समूह वापस मरवाही के जंगल की ओर लौट गया है, जो राहत की बात है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाथियों की निगरानी के लिए सीमा पर अभी भी टीमें तैनात रखी गई हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि हाथी रात में वापस लौटने का प्रयास करें, तो ग्रामीणों को तुरंत सतर्क किया जा सके।

24 जून से क्षेत्र कर रहे थे विचरण

तीन हाथियों का यह समूह 24 जून की रात को जैतहरी इलाके में फिर से प्रवेश करने के बाद अनूपपुर और जैतहरी क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रहा था। शनिवार की सुबह उन्होंने जैतहरी वन परिक्षेत्र के चोलना बीट के सागौन प्लांटेशन जंगल में दिन बिताया। देर रात वे ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के क्षेत्र में विचरण करते हुए चोलना पहुंचे और गुजरनाला पार कर रविवार को छत्तीसगढ़ वापस चले गए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला