राजगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन सख्त, कई अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस
राजगढ़, 09 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।
बैठक में स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा के दौरान कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में कमजोर प्रदर्शन पर नरसिंहगढ़ सीबीएमओ डॉ. राजेंद्र अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं बैठक में अनुपस्थित रहने पर खिलचीपुर और राजगढ़ के सीबीएमओ को भी नोटिस थमाए गए।
प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं होने पर संबंधित कर्मचारियों के 15 दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा नरसिंहगढ़ ब्लॉक के सभी सुपरवाइजरों और ब्यावरा के नापनेरा उप स्वास्थ्य केंद्र के सुपरवाइजर का वेतन भी रोका गया है। उन्हें 15 दिनों के भीतर कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी गई है।
गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और समय पर स्वास्थ्य जांच में लापरवाही को प्रशासन ने गंभीर माना है। इसी आधार पर प्रत्येक ब्लॉक में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच सीएचओ और एएनएम को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं ओपीडी और स्वास्थ्य शिविरों में लक्ष्य के अनुरूप एक्स-रे नहीं किए जाने पर संबंधित ब्लॉक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
इसके अलावा पोषण पुनर्वास केंद्रों में बच्चों की कम संख्या और निर्धारित 14 दिन की अवधि पूरी होने से पहले बच्चों को डिस्चार्ज किए जाने के मामले में जिले के सभी छह फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले ने स्पष्ट कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी 15 दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

