ग्वालियरः जन-सुनवाई बनी सहारा, दिव्यांग प्रीति को मिली आजीविका की राह
ग्वालियर, 05 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में आर्थिक परेशानियों से जूझ रही दिव्यांग महिला प्रीति शिवहरे को आजीविका के लिये सहारा मिला है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने प्रीति को रेडक्रॉस सोसायटी से सिलाई मशीन के लिये धनराशि मंजूर की है। इसी तरह अन्य जरूरतमंदों को भी जन-सुनवाई में मदद दिलाई गई।
शहर के गदाईपुरा क्षेत्र की बस्ती विजयनगर निवासी प्रीति शिवहरे ने कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में पहुँचकर कलेक्टर रुचिका चौहान को अपनी व्यथा सुनाई। उनका कहना था कि मैं शारीरिक रूप से 75 प्रतिशत दिव्यांग हूँ। मेरी एक 12 वर्षीय बेटी भी है। आजीविका का कोई साधन न होने से जिंदगी बसर करने में मुझे बड़ी दिक्कत आ रही है। कलेक्टर ने प्रीति की परेशानी को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें रेडक्रॉस से सिलाई मशीन दिलाने के लिये धनराशि मंजूर कर दी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रीति को जल्द से जल्द सिलाई मशीन उपलब्ध करा दी जाए।
यह सुखद बात सुनकर प्रीति कुछ बोल नहीं पाईं। बस आँखें भर आईं। उनके चेहरे पर आए भाव मानो यह कह रहे थे कि जो हाथ कभी खाली थे, अब उनके पास काम होगा। जो मशीन उन्हें मिलेगी, वह सिर्फ कपड़े नहीं सिलेगी, वह एक माँ का आत्मसम्मान भी बुनेगी। साथ ही एक बच्ची का भविष्य सँवारेगी। प्रीति शिवहरे भावुक हो गईं और कहने लगीं कि प्रदेश सरकार द्वारा हम जैसे जरूरतमंदों की कठिनाईयां दूर करने के लिये “जन-सुनवाई” शुरू की है। जन-सुनवाई से लौटते वक्त प्रीति का चेहरा बदला हुआ था। वही चेहरा, जो सुबह उदास आया था, शाम को खिला हुआ था।
कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में 119 आमजनों की हुई सुनवाई
कलेक्ट्रेट में मंगलवार को हुई जन-सुनवाई में 119 आमजनों की समस्यायें सुनी गईं। कलेक्टर रुचिका चौहान, अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत व एडीएम सीबी प्रसाद सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने एक – एक कर सभी आवेदकों की समस्यायें सुनीं और उनके आवेदनों के निराकरण की रूपरेखा तय की।
कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में राजस्व, नगर निगम, बिजली, पुलिस इत्यादि से संबंधित समस्यायें प्राप्त हुईं। जमीन संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश सभी एसडीएम व तहसीलदारों को दिए गए हैं। नगर निगम क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को तत्परता से निराकृत करने की हिदायत भी नगर निगम के अधिकारियों को दी। जनसुनवाई में मदद की आस में पहुँचे जरूरतमंदों के नि:शुल्क इलाज का इंतजाम भी कराया गया। जन-सुनवाई में कुल 119 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 55 आवेदन दर्ज किए गए। साथ ही शेष 64 आवेदन विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा में निराकृत करने के लिये आवश्यक टीप के साथ दिए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

