चित्रकूट में उफनी गुप्त गोदावरी, गुफाओं के ऊपर से बह रहा पानी, पर्यटकों की आवाजाही पर रोक
चित्रकूट, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नाले अभी भी उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सतना के तराई क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद चित्रकूट की प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी गुफाओं में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया है। पहाड़ियों से बहकर आ रहा पानी गुफाओं के ऊपर से गुजर रहा है। स्थिति को देखते हुए चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाओं को बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
नाले में बहा चरवाहा, तलाश जारी
सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भुमकहर गांव में तेज बारिश के बीच 55 वर्षीय चरवाहे के नाले में बह जाने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही सतना एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया। देर तक चरवाहे का पता नहीं चल सका था।
उमरिया में बांध के तीन गेट खोले
लगातार बारिश के चलते उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के तीन गेट करीब चार मीटर तक खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। प्रशासन की ओर से जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
डिंडौरी में 12 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा
डिंडौरी जिले में बुधवार सुबह से लगातार तेज बारिश हो रही है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई रास्ते प्रभावित हुए हैं। जिले के 12 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पन्ना के कई गांव जलमग्न
पन्ना जिले के बृजपुर क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण कई गांवों में पानी भर गया है। सिमरिया के बोदा गांव में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। घरों में पानी पहुंचने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश के कारण घरों में रखा खाने-पीने का सामान भी भीग गया।
तीन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटे के दौरान इन जिलों में करीब चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब के प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का प्रभाव धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश के हिस्सों तक बढ़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, यदि इसी तरह बारिश का दौर जारी रहा तो प्रदेश में बारिश का सामान्य कोटा पूरा होने की संभावना है। फिलहाल मध्यप्रदेश में औसत से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
प्रशासन ने नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने तथा तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

