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मप्र: सरकारी खजाने में करीब 600 करोड़ की कथित वित्तीय गड़बड़ी पर पटवारी ने सरकार से मांगा हिसाब

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मप्र: सरकारी खजाने में करीब 600 करोड़ की कथित वित्तीय गड़बड़ी पर पटवारी ने सरकार से मांगा हिसाब


जीतू पटवारी बोले- निष्पक्ष जांच के साथ जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो, सरकारी धन की पूरी रिकवरी की जाए

भोपाल, 24 अगस्त (हि.स.)। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश के सरकारी खजाने में करीब 600 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय गड़बड़ी को लेकर राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन से जुड़ी इतनी बड़ी राशि के मामले में पूरी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जीतू पटवारी ने साेमवार काे अपने बयान में उपलब्ध जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि करीब 24 सरकारी विभाग जांच के दायरे में हैं। करीब 305 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन, लगभग 400 अधिकारी-कर्मचारियों के जांच के घेरे में होने और करीब 380 करोड़ रुपए की रिकवरी लंबित होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी, इसलिए सरकार को मामले से संबंधित तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए।

वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी खजाने की राशि जनता के हित और विकास कार्यों के लिए होती है। यदि इतनी बड़ी राशि से संबंधित अनियमितता सामने आई है तो यह वित्तीय निगरानी और विभागीय नियंत्रण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि संदिग्ध लेनदेन किस अवधि में हुए, संबंधित विभागों में निगरानी की क्या व्यवस्था थी और इतनी बड़ी राशि से जुड़े मामलों का समय पर पता क्यों नहीं चल सका।

बड़े अधिकारियों और संरक्षण की भूमिका भी जांचने की मांग

पटवारी ने कहा कि जांच का दायरा केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जिन अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य लोगों की भूमिका सामने आए, उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति या अधिकारी के संरक्षण की बात सामने आती है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मामले की पूरी जानकारी सामने लाने और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की।

सरकार बताए, कितनी हुई रिकवरी

जीतू पटवारी ने राज्य सरकार से सवाल किया कि कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में अब तक कितनी राशि की वास्तविक रिकवरी हुई है, कितनी राशि बाकी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन की अनियमितता साबित होने की स्थिति में नियमानुसार पूरी राशि की वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए।

वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि से जुड़े मामले में सरकार को जनता के सामने तथ्य और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही मांगती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी धन से जुड़ी किसी भी अनियमितता की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और नियमानुसार राशि की वसूली सुनिश्चित करना जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे