जबलपुर : 68 साल पुराने शास्त्री ब्रिज की होगी विदाई, आधुनिक तकनीक से बनेगा नया फोर-लेन पुल
जबलपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के सबसे पुराने और व्यस्त शास्त्री ब्रिज का अब आधुनिक स्वरूप में पुनर्निर्माण किया जाएगा। करीब 68 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक पुल को हटाकर अत्याधुनिक तकनीक से नया फोरलेन ब्रिज बनाया जाएगा।
परियोजना की तैयारियों के तहत लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने रविवार को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ स्थल का निरीक्षण किया और प्रस्तावित निर्माण कार्य की रूपरेखा पर चर्चा की।
निरीक्षण दल में आईआईटी रुड़की के मोहित वर्मा, आईआईटी गुवाहाटी के श्रीनिवास, सीआरआरआई, नई दिल्ली की चीफ साइंटिस्ट कविता रविंदर, वैज्ञानिक दिनेश यादव, वैज्ञानिक गणेश कुमार, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर गोपाल सिंह तथा नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर बोरासी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने पुल की वर्तमान स्थिति, डिजाइन और निर्माण संबंधी तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि परियोजना की तकनीकी संवेदनशीलता को देखते हुए देश के शीर्ष विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शास्त्री ब्रिज न केवल शहर की नई पहचान बनेगा, बल्कि जबलपुर के यातायात तंत्र को भी अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनाएगा।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव और सुरक्षा की आवश्यकताओं को देखते हुए शास्त्री ब्रिज का पुनर्निर्माण समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नया पुल जबलपुर के यातायात ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ शहर के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रस्तावित फोर-लेन शास्त्री ब्रिज का निर्माण सिंगल पियर तकनीक से किया जाएगा। इस तकनीक के तहत पुल के नीचे पिलरों की संख्या कम रहेगी, जिससे नीचे की सड़क पर अधिक स्थान उपलब्ध होगा और यातायात सुचारु रहेगा।
अधिकारियों का मानना है कि इससे वर्तमान में लगने वाले जाम की समस्या में भी काफी हद तक राहत मिलेगी। विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण के दौरान पुल की मजबूती, डिजाइन और निर्माण संबंधी तकनीकी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। परियोजना से जुड़ी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नया फोर-लेन शास्त्री ब्रिज आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। पुल पर आकर्षक डेकोरेटिव लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे रात के समय इसकी सुंदरता और बढ़ेगी। साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूटिलिटी डक्ट्स भी बनाए जाएंगे, ताकि बिजली, संचार और अन्य केबल या पाइपलाइन बिछाने के लिए भविष्य में पुल को बार-बार खोदने की आवश्यकता न पड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

