अनूपपुर: रात भर चार हाथियों ने मचाया हंगामा, तोडे मकान, खेतों में लगी फसलों को खाया और रौदा
अनूपपुर, 27 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में चार हाथियों का समूह शुक्रवार की रात होते ही जंगल से लगे पगना एवं बेलिया गांव के विभिन्न टोला, मोहल्ले में पहुंचकर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेत एवं बांड़ी में लगे विभिन्न तरह की फसलों एवं सब्जियों को अपना आहार बनाया और शनिवार की सुबह फिर से गोबरी बीट के जंगल में चले गए।
हाथियों के निगरानी के लिए लगे गस्ती दल के सदस्यों पर पगना एवं बेलिया गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई घंटो बाद स्थल पर पहुंचने स्थल पर पहुंचने बाद एक दो कर्मचारियों को छोड़ बाकी अधिकारी/कर्मचारी हाथियों द्वारा तोड़े जा रहे कच्चे मकानो से काफी दूर रहकर तमाशा देखते रहें। शनिवार की दोपहर अनूपपुर तहसीलदार ने हाथियों द्वारा तोड़े गए ग्रामीणों के मकान एवं खेतों में किए गए नुकसान का पटवारी के साथ स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करते हुए तत्काल राहत प्रकरण तैयार करने तथा ग्रामीणों को जल्द ही राहत राशि दिए जाने की बात कही।
दरअसल, चार हाथियों का समूह शुक्रवार को वन बीट गोबरी के झुरहीतलैया नामक जंगल में दिन बिताने बाद रात होते ही वन परिक्षेत्र अनूपपुर के दूधमनिया बीट अंतर्गत शक्तिकुंडी नामक जंगल से ग्राम पंचायत पगना के जल्दाटोला,बेलियाकछरा में देर रात तक विचरण करते अनूपपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत छुलहा अंतर्गत बेलिया गांव में संग्राम कोल, प्रफूल्य महता, महेश कोल, सुरेश प्रसाद कोल, सुकांति कोल के घरों में तोड़फोड़ कर खेत एवं बाडियों में लगे विभिन्न तरह के फसलों को अपना आहार बनाते हुए सुबह शक्तिकुंडी एवं झुरहीतलैया के जंगल में पहुंचकर दिन में विश्राम कर रहे हैं।
हाथियों द्वारा किए गए नुकसान पर अनूपपुर तहसीलदार वेद प्रकाश सिंह हल्का पटवारी प्रियंका सोनी,वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल एवं अन्य के हाथियों के समूह द्वारा किए गए नुकसान का निरीक्षक करते हुए तत्काल नुकसानी/राहत प्रकरण तैयार कराते हुए ग्रामीणों को शीघ्रता से राहत राशि दिए जाने का की बात कही हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि विगत रात अचानक हाथियों का समूह पड़ोस की पगना गांव से तिपान नदी पार कर बेलिया गांव के विभिन्न मोहल्ला में पहुंच घरो में तोड़फोड़ कर एवं फसलों का नुकसान किया हाथियों के आने की सूचना वन विभाग या अन्य किसी ने ग्रामीणों को समय पर नहीं दिए जाने से कई ग्रामीण हाथियों के अचानक घर एवं घर के पास आ जाने से घर के अंदर ही फसे रहकर डरे सहमे स्थिति में रहे हैं।
वन विभाग का गश्ती दल जिसकी हाथियों पर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को सतर्क एवं सचेत किए जाने की जिम्मेदारी रही है समय रहते ग्रामीणों को किसी भी तरह की सूचना नहीं दी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

