home page

राजगढ़ः गौवंश से भरे कंटेनर मामले में फैसला, चार दोषियों को 1-1 साल का सश्रम कारावास

 | 
राजगढ़ः गौवंश से भरे कंटेनर मामले में फैसला, चार दोषियों को 1-1 साल का सश्रम कारावास


राजगढ़, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में पदस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रेया शर्मा की कोर्ट ने करीब छह साल पुराने गौवंश क्रूरता एवं अवैध परिवहन मामले में चार आरोपितों को दोषी ठहराते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 10,100 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

प्रकरण में सहायक निदेशक अभियोजन आलोक श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में शासन की ओर से पैरवी कर रहे एडीपीओ राजेन्द्र सोनी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि 30 सितंबर 2020 को देहात ब्यावरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गुना की ओर से आ रहे कंटेनर क्रमांक यूपी 21 बीएन 9521 में बड़ी संख्या में गौवंश को भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने रिलायंस पेट्रोल पंप के पास वाहन को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान चालक और क्लीनर भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें 59 गौवंश ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। सभी के पैर रस्सियों से बंधे थे और कई पशु गंभीर रूप से घायल थे।

जांच में सामने आया कि आरोपितों के पास गौवंश परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था। पुलिस के अनुसार गौवंश को महाराष्ट्र के वरुण गांव वध के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। मामले में अकरम पुत्र बाबू खान, मोहम्मद इकराम पुत्र मोहम्मद अजगर, शरीफ पुत्र शफूर खान और मोहम्मद इमरान पुत्र लाडले मियां के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम तथा कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपितों को दोषी मानते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार 100 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक