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28 साल बाद भी हरदा को नहीं मिला ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क किनारे खड़े ट्रकों से बढ़ रही परेशानी

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28 साल बाद भी हरदा को नहीं मिला ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क किनारे खड़े ट्रकों से बढ़ रही परेशानी


28 साल बाद भी हरदा को नहीं मिला ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क किनारे खड़े ट्रकों से बढ़ रही परेशानी


28 साल बाद भी हरदा को नहीं मिला ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क किनारे खड़े ट्रकों से बढ़ रही परेशानी


28 साल बाद भी हरदा को नहीं मिला ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क किनारे खड़े ट्रकों से बढ़ रही परेशानी


हरदा, 06 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के हरदा जिला बनने के करीब 28 वर्ष बीत जाने के बावजूद हरदा को अब तक ट्रांसपोर्ट नगर की सुविधा नहीं मिल सकी है। इसके कारण व्यापारियों और ट्रक संचालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में ट्रांसपोर्ट नगर के अभाव में ट्रकों को सड़क किनारे खड़ा कर माल की लोडिंग-अनलोडिंग करनी पड़ती है, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से ट्रांसपोर्ट नगर की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। शहर में करीब 140 ट्रक संचालित होते हैं, जिन्हें दुकानों के सामने या सड़क किनारे खड़ा कर माल उतारना-चढ़ाना पड़ता है। इससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है और जल्दबाजी में दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

रोजाना कई शहरों से आता है माल

हरदा जिला मुख्यालय होने के कारण व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। थोक और फुटकर व्यापारी इंदौर, खंडवा, भोपाल, होशंगाबाद, बैतूल, इटारसी और खातेगांव सहित कई शहरों से ट्रकों के जरिए माल मंगाते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने के कारण रेलवे स्टेशन रोड, नगर पालिका क्षेत्र, नारायण टॉकीज, प्रताप टॉकीज और अन्य स्थानों पर सड़क किनारे ट्रक खड़े कर माल उतारा जाता है, जिससे आमजन को भी परेशानी होती है।

सड़क पर खड़े वाहनों से बढ़ता है जाम

दुकानों के सामने बड़े वाहनों के खड़े होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। कई स्थानों पर अतिक्रमण के साथ-साथ ट्रकों की पार्किंग से स्थिति और गंभीर हो जाती है। यहां तक कि ट्रकों की मरम्मत भी सड़क किनारे ही करानी पड़ती है। जिला सहकारी बैंक और एबीएम ग्राउंड के आसपास अक्सर ट्रक सड़क किनारे खड़े दिखाई देते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बनती है।

मंत्री रहने के बाद भी नहीं मिली सुविधा

हरदा के विधायक कमल पटेल पूर्व में राजस्व मंत्री और कृषि कल्याण मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। इसके बावजूद जिले को अब तक ट्रांसपोर्ट नगर की सौगात नहीं मिल पाई है। वर्ष 1998 में हरदा जिला बनने के बाद से ही इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।

हरदा ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष अहद खान, ने कहा कि जिला बने 28 वर्ष हो गए, लेकिन आज तक ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन पाया। सड़क किनारे ट्रक खड़े कर माल उतारना-चढ़ाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना और जाम की आशंका बनी रहती है। कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

हरदा विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने कहा कि प्रदेश और देश में एक ही दल की सरकार होने के बावजूद कर्मचारियों, किसानों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी हो रही है। 1998 में जिला बनने के बाद भी ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन पाया, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / Pramod Somani