home page

युवधर्म के नवरात्रि उत्सव में बेटियों का उत्साह, दो दिन में 220 बालिकाओं का पंजीयन

 | 
युवधर्म के नवरात्रि उत्सव में बेटियों का उत्साह, दो दिन में 220 बालिकाओं का पंजीयन


मंदसौर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में संस्था युवधर्म द्वारा आयोजित ‘शक्ति की आराधना — आत्मरक्षा प्रशिक्षण’ अभियान में बालिकाओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन के प्रथम एवं द्वितीय दिवस में कुल 220 बालिकाओं का पंजीयन हो चुका है। बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा में सक्षम बनाने के उद्देश्य से लगभग 25 प्रशिक्षकों द्वारा जूडो-कराटे, लाठी चलाने और तलवारबाजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम को लेकर शनिवार को संजय गांधी उद्यान स्थित कार्यक्रम स्थल पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें संस्था प्रमुख हितेश शुक्ला ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों का मजबूती से सामना कर सकें।

प्रतिदिन आरती में शामिल हो रहीं समाज की मातृशक्तियां

आयोजन की खास बात यह है कि प्रतिदिन मां दुर्गा की आरती में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली मातृशक्तियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा रहा है। इससे बालिकाओं को प्रेरणा मिलने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं को सम्मान देने का अवसर भी मिल रहा है।

आयोजन के तृतीय दिवस पर गर्ल्स कॉलेज का स्टाफ एवं इनरव्हील क्लब, चतुर्थ दिवस पर शिशुवन स्कूल का स्टाफ एवं ई-रिक्शा चालक, पंचम दिवस पर राजपूत समाज की मातृशक्ति एवं महिला चिकित्सक तथा षष्ठम दिवस पर भाजपा की महिला नेत्रियां और जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनुप्रिया यादव उपस्थित रहीं।

नवमी पर कन्या पूजन, दशहरे पर शस्त्र पूजन

संस्था द्वारा सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को नवमी के अवसर पर बालिकाओं का कन्या पूजन किया जाएगा। वहीं मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर शस्त्र पूजन के साथ नौ दिनों के प्रशिक्षण में बालिकाओं द्वारा सीखे गए आत्मरक्षा के गुर का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें बालिकाएं जूडो-कराटे, लाठी चलाने और तलवारबाजी के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी।

संस्था युवधर्म की यह पहल बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के साथ समाज में सक्रिय महिलाओं को सम्मानित कर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का माध्यम बन रही है। अभियान का संदेश है कि हर बेटी आत्मविश्वास और साहस के साथ अपनी रक्षा करने में सक्षम बने।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया