अनूपपुर: मप्र-छग सीमा पर हाथियों का आतंक, 20 से ज्यादा घरों को नुकसान
अनूपपुर, 26 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला में छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रो में हाथियों की आवाजाही जारी है। 25-26 अगस्त की रात अनूपपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के दो क्षेत्रों में कुल तीन हाथी मौजूद रहे।
जानकारी अनुसार, हाथियों ने अब तक 20 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचाया है। 50 से ज्यादा किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। दोनों राज्यों की वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में 2 हाथी पिछले 10 दिनों से घूम रहे हैं। मंगलवार को दोनों हाथी दिनभर मोजर बियर प्लांट के अंदर रहे। देर रात दोनों हाथी प्लांट की बाउंड्री से बाहर निकले। गुवारी और अमगवां गांव के किनारे से होते हुए बेलिया फाटक और अमगवां के बीच छुलहनी के जंगल में पहुंच गए।
वन विभाग के अनुसार, दोनों हाथी अनूपपुर-जैतहरी मुख्य मार्ग, रेलवे लाइन और तिपान नदी पार कर बेलिया, बेलिया कछरा और गोवरी की ओर जा सकते हैं। इससे पहले सोमवार को दो हाथी गुवारी गांव के पास मोजर बियर प्लांट के गेट नंबर 3 तक पहुंचे थे। यहां उन्होंने सीमेंट की बाउंड्री तोड़कर प्लांट में प्रवेश किया था।
छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र में एक दांत वाला नर हाथी लगातार घूम रहा है। बताया जा रहा है की यह बेहद आक्रामक है। पिछले 3-4 दिनों में हाथी के लोगों के पीछे दौड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। उसने एक ग्रामीण के घर में भी तोड़फोड़ की। घर में मौजूद लोगों ने भागकर खुद को बचाया। मरवाही के घुसरिया बीट के लेंगरा डोंगरी में हाथी ने दिनभर आराम किया। इसके बाद देर रात वह चरचेडी के जंगल के कक्ष क्रमांक 2049 में पहुंच गया। वन विभाग के अनुसार देर रात हाथी पंडरी और पथर्री होते हुए सिवनी की ओर बढ़ सकता है। हाथियों के एक क्षेत्र से दूसरे राज्य की सीमा में जाने पर संबंधित वन विभाग को सूचना दी जाती है।
50 से ज्यादा किसानों की फसलें प्रभावित
जनाकारी अनुसार, हाथियों ने अब तक 20 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा 50 से ज्यादा किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। दोनों राज्यों के वन विभाग की गश्ती टीमें हाथियों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि हाथियों से छेड़खानी न करें। उनके पीछे न जाएं। हाथियों की सटीक जानकारी मिलने पर तुरंत गश्ती दल को सूचना देने की भी अपील की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

