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आगरमालवाः हत्या के मामले में आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

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आगरमालवाः हत्या के मामले में आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा


आगरमालवा, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिले में पुरानी रंजिश के चलते युवक का अपहरण कर लाठी डंडों से पीटकर हत्या करने के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

करीब दो साल पहले पुरानी रंजिश में हुए कृष्णपाल हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 8 आरोपियों धारासिंह (34) पुत्र शिवसिंह सौंध्या, दरबारसिंह (32) पुत्र शिवसिंह, मेहरबानसिंह (27) पुत्र तोफानसिंह सौंध्या, दशरथसिंह (27) पुत्र बालूसिंह सौंध्या, पारस (26) पुत्र बापूसिंह सौंध्या, राहुल (29) पुत्र बापूसिंह सौंध्या सभी निवासीगण ग्राम खेडीगुराडिया पुलिस थाना कोतवाली आगरमालवा, बनेसिंह (20) पुत्र सरदारसिंह सौंध्या, दिनेश (22) पुत्र नारायणसिंह सौंध्या दोनों निवासी ग्राम मदकोटा पुलिस थाना बडौद, जिला आगरमालवा को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मधुसूदन जंघेल ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। शासन की ओर से मामले की प्रभावी पैरवी अपर लोक अभियोजक अशोक गवली ने की।

जानकारी के अनुसार घटना 4 मई 2024 की रात की है। फरियादी फरमान पिता मुबारिक खां, निवासी अर्जुन नगर, आगरमालवा ने पुलिस को बताया था कि वह अपने दोस्तों कृष्णपाल, आयुष शर्मा और संदीप ठाकुर के साथ जयश्री अस्पताल के पीछे अर्जुन नगर कॉलोनी मैदान में बैठा हुआ था। तभी दो कारों में सवार होकर धारासिंह, बनेसिंह, दिनेश और राहुल मौके पर पहुंचे और कृष्णपाल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। फरमान ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी कृष्णपाल को जबरन स्विफ्ट कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। घटना के बाद फरमान ने अपने दोस्त अजय को फोन कर पूरी जानकारी दी।

आरोपियों ने उन्हें पहले बड़ा तालाब, फिर रातड़िया तालाब और अंत में मालीखेड़ी रोड स्थित नाग मंदिर के पास बुलाया। कुछ देर बाद नाग मंदिर के समीप कृष्णपाल गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा मिला। उसके शरीर पर लाठी-डंडों से मारपीट के कई निशान थे. परिजन और दोस्त उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उज्जैन रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस से उज्जैन ले जाते समय ग्राम पालखेड़ी के पास ही कृष्णपाल ने दम तोड़ दिया। बाद में जिला अस्पताल आगरमालवा में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के अगले दिन 5 मई 2024 को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, अपहरण, धमकी और साझा आपराधिक मंशा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुमार मालवीय ने मामले की विवेचना की। जांच के दौरान पारस, दरबार, मेहरबान और दशरथ की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके बाद कुल 8 आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया गया। लंबी सुनवाई के बाद आज 24 जुलाई 2026 को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मधुसूदन जंघेल ने सभी आठों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

हिन्दुस्थान समाचार / रितेश शर्मा