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मंदसौर में 220 बेटियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, दशहरे पर जूडो-कराटे और तलवारबाजी का प्रदर्शन

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मंदसौर में 220 बेटियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, दशहरे पर जूडो-कराटे और तलवारबाजी का प्रदर्शन


मंदसौर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से संस्था युवधर्म द्वारा आयोजित नौ दिवसीय ‘शक्ति की आराधना-आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान’ का समापन दशहरे पर हुआ। अभियान में 220 बालिकाओं ने पंजीयन कर भाग लिया। करीब 25 प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्हें जूडो-कराटे, लाठी संचालन और तलवारबाजी का प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर बालिकाओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन कर आत्मविश्वास और अनुशासन का परिचय दिया।

संजय गांधी उद्यान के बाहर मैदान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृत पाठशाला के बटुकों के स्वस्ति वाचन से हुई। इसके बाद बालिकाओं ने शस्त्र पूजन किया। कार्यक्रम में सांदीपनि विद्यालय, गुर्जरबरड़िया की शिक्षिका भारती भावसार मुख्य वक्ता और अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही ज्योतिष सेवा से जुड़ी लाड़ कुंवर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

मुख्य वक्ता भारती भावसार ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए माता-पिता, परिवार और गुरुजनों के प्रति आदर एवं सम्मान बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश की वीरांगनाओं का जीवन आज भी बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने देवी अहिल्याबाई होलकर के कुशल शासन और जनकल्याण, रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष, कैप्टन लक्ष्मी सहगल की आजाद हिंद फौज में भूमिका और झलकारी बाई की 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में वीरता का उल्लेख किया।

भावसार ने बालिकाओं से देश और धर्म के प्रति कृतज्ञ रहने की अपील करते हुए कहा कि जीवन में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले माता-पिता से चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने किसी की मीठी बातों में आकर जल्दबाजी में फैसला लेने से बचने की सलाह भी दी।

नौ दिनों तक प्रशिक्षण लेने वाली बालिकाओं ने समापन कार्यक्रम में अलग-अलग समूहों में जूडो-कराटे, लाठी संचालन और तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। उनके कौशल और आत्मविश्वास को देखकर उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने सराहना की। अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाने के साथ उनमें आत्मविश्वास विकसित करना भी रहा।

कार्यक्रम के दौरान संस्था युवधर्म के प्रमुख हितेश शुक्ला ने संस्था की गतिविधियों और ‘शक्ति की आराधना’ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने अभियान में सहयोग देने वाले प्रशिक्षकों और उनकी टीमों के योगदान का उल्लेख किया।

संस्था ने नौ दिनों तक नि:शुल्क जूडो-कराटे प्रशिक्षण देने के लिए नियुद्ध गुरु प्रवीण भंडारी और उनकी टीम का आभार जताया। वहीं, तलवारबाजी और लाठी संचालन का प्रशिक्षण देने के लिए मनीष भाटी, महादेव घाट अखाड़े की टीम तथा गुप्तानंद आश्रम अखाड़े की टीम के योगदान की सराहना की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया