सागरः डॉ. हैनिमैन की 271वीं जयंती पर बी.एम. होम्यो सेंटर में होम्योपैथी के वैज्ञानिक आधार पर विशेष चर्चा
सागर, 10 अप्रैल (हि.स.)। सिर्फ इलाज नहीं, जागरूकता का संदेश–इसी ध्येय के साथ होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन की 271वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सागर स्थित बी.एम. होम्यो सेंटर सागर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं डॉ. हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. एन. चटर्जी ने कहा कि होम्योपैथी एक 'होलिस्टिक' यानी समग्र चिकित्सा पद्धति है। यह केवल रोग के बाहरी लक्षणों को दबाती नहीं, बल्कि व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर उपचार करती है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश जैन ने होम्योपैथी के व्यावहारिक परिणामों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि माइग्रेन और मानसिक विकार, होम्योपैथी मानसिक तनाव और पुराने सिरदर्द में अत्यंत प्रभावी है। डॉ. भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह पद्धति 'सिमिलिया सिमिलिबस क्युरेंटर' के सिद्धांत पर काम करती है, जो रोग की जड़ तक पहुंचकर उसे स्थायी रूप से समाप्त करने की क्षमता रखती है। बी.एम. होम्यो सेंटर के संचालक डॉ. राजेश सैनी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज होम्योपैथी के प्रति लोगों का विश्वास तेजी से बढ़ रहा है।
इस संगोष्ठी को डॉ. ओ. पी. शिल्पी, डॉ. अभिलाषा सैनी और डॉ. अंकुर सिंघई ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में डॉ. ऋषि जैन, दिनेश सैनी, डॉ. एम. एम. बैग, डॉ. संदीप जैन, डॉ. पी. के. ताम्रकार, डॉ. संग्राम सिंह, डॉ. एच. एस. चौहान, डॉ. फहीम दाद, डॉ. विवेक जैन, डॉ. योगेश दत्त तिवारी, डॉ. लखन पटेल, डॉ. राहुल दुबे, डॉ. मयूर ताम्रकार, मुकुल सैनी, डॉ. किशोर सोनी, डॉ. गुरु, डॉ. दीपक जैन, डॉ. बाली, गुंजन सैनी, मनोज गुप्ता, अमित नामदेव और अमन राय शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

