पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
सतना, 01 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश के सतना जिले और चित्रकूट क्षेत्र में सेवा और समर्पण के प्रतीक रहे डॉ. बी.के. जैन पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। तिरंगे में लिपटे डॉ. जैन को पुलिस बल ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर भावभीनी अंतिम विदाई दी।
उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में आमजन इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए। लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई इस महान समाजसेवी को अंतिम विदाई देने पहुंचा था। अंतिम संस्कार के दौरान सतीश कुमार एस., हंसराज सिंह सहित प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
राजकीय सम्मान के साथ हुए इस अंतिम संस्कार में पुलिस बल ने औपचारिक सलामी देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को जब अंतिम विदाई दी गई, तब वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक नजर आया। डॉ. जैन के बड़े पुत्र जिनेश जैन और छोटे पुत्र इलेश जैन ने विधि-विधान के साथ अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरे वातावरण में श्रद्धा और शोक की गहरी भावना देखने को मिली।
उल्लेखनीय है कि डॉ. बी.के. जैन ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा और समाज कल्याण के कार्यों को समर्पित कर दिया था। चित्रकूट क्षेत्र में स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके कार्यों से हजारों लोगों को नई जिंदगी और नई उम्मीद मिली। उनके निधन से क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे समाज में शोक की लहर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

