उज्जैनः केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक ने किया इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण
उज्जैन, 12 सितंबर (हि.स.)। उज्जैन नगर निगम के बस डिपो को विकसित करने के लिए 10 करोड़ रू. की राशि खर्च की जा रही है। इस में 100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग की व्यवस्था होगी। परिसर में ही संधारण,संचालन के लिए कक्ष होंगे। इस डिपो का निरीक्षण शनिवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने किया।
निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि डिपो में तत्कालिन समय रोड़वेज की बसों का संधारण होता था। बाद में यह डिपो नगर निगम के पास आ गया। यहां पर यूसीटीसीएल के माध्यम से शहर में सिटी बसों का संचालन हुआ। अब इस डिपो को 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन-संधारण के लिए तथा चार्जिंग के लिए स्टेशन एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कक्षों का निर्माण किया जा रहा है। यहां से 100 बसें संचालित होंगी ओर यहीं पर आकर चार्ज होंगी।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय में निदेशक भदौरिया ने मक्सी रोड स्थित सिटी बस डिपो परिसर में विकसित किए जा रहे चार्जिंग स्टेशन के निर्माण कार्य को देखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम द्वारा शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। प्रचलित निर्माण कार्य का अवलोकन करते हुए सुझाव एवं निर्देश भी दिए।
श्री टैगोर ने बताया कि नगर निगम द्वारा 10 करोड़ की लागत से विकसित किए जा रहे इस चार्जिंग स्टेशन का उद्देश्य शहर में संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए आधुनिक एवं व्यवस्थित चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान निगम अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति, निर्माण की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी श्री भदौरिया को दी। निरीक्षण के दौरान सहायक यंत्रीरवि राठौर एवं सब इंजीनियर आनंद भंडारी उपस्थित रहे।
टैगोर ने बताया कि वर्तमान में परियोजना के अंतर्गत वर्कशॉप बिल्डिंग एवं ऑफिस निर्माण एवं सिविल वर्क से संबंधित कार्य पूर्णता की ओर है। फ्लोरिंग एवं इलेक्ट्रिक वर्क का कार्य प्रचलित है। चार्जिंग स्टेशन पूर्ण होने के पश्चात यहां 100 से अधिक बसों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सकेगा। उन्होने बताया कि परियोजना अंतर्गत बस संचालन एवं प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें मीटिंग रूम, डिपो मैनेजर रूम, ऑफिस रूम, गार्ड रूम, वॉश एरिया एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। इससे बस संचालन, रखरखाव तथा डिपो की व्यवस्थाओं को एक ही परिसर में अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
भदौरिया ने नगर निगम द्वारा शहरी परिवहन को आधुनिक स्वरूप देने तथा इलेक्ट्रिक बसों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित किए जाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहाकि चार्जिंग स्टेशन के पूर्ण होने से उज्जैन में इलेक्ट्रिक बस संचालन के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार हो जाएगी, जिससे भविष्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहायता मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

