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धारः विहिप नेता सावला भोजशाला पहुंचे, कहा- पत्थरों के चिन्ह मंदिर होने का प्रमाण

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धारः विहिप नेता सावला भोजशाला पहुंचे, कहा- पत्थरों के चिन्ह मंदिर होने का प्रमाण


धारः विहिप नेता सावला भोजशाला पहुंचे, कहा- पत्थरों के चिन्ह मंदिर होने का प्रमाण


धार, 23 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद विश्व हिंदू परिषद के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला शनिवार को ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन व पूजन किया। पश्चात उन्होंने धार भोजशाला को आस्था और ज्ञान की प्राचीन परंपरा का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं बल्कि प्राचीन काल में शिक्षा और संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र रहा है। सावला के अनुसार भोजशाला मूल रूप से मां सरस्वती का दिव्य मंदिर रहा है, जहां प्राचीन समय में विभिन्न प्रकार की विधाओं की शिक्षा दी जाती थी। भोजशाला के पत्थर और संरक्षण स्वयं मंदिर स्वरूप होने का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं और इतिहास इस स्थान की वास्तविक पहचान को प्रदर्शित करता है। इस दौरान उन्होंने परिसर का मुआयना करते हुए कहा कि जन भावनाओं के अनुरूप भविष्य में यहां मां सरस्वती वाग्देवी के एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

शनिवार को श्रद्धालुओं बड़ी संख्या में भोजशाला पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi