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‘विकास और सेवा के 2 वर्ष’ पुस्तिका के आंकड़ों पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उठाए सवाल

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‘विकास और सेवा के 2 वर्ष’ पुस्तिका के आंकड़ों पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उठाए सवाल


भोपाल, 01 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा में 30 और 31 मार्च 2026 को आयोजित दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन में वितरित की गई ‘विकास और सेवा के 2 वर्ष’ पुस्तिका में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित जानकारी को लेकर कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाए हैं।

उन्होंने मंगलवार काे मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजकर पुस्तिका में प्रकाशित आंकड़ों के स्रोत और सत्यता की जांच कराने तथा यदि तथ्यात्मक त्रुटि सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के मुताबिक, सम्मेलन के दौरान प्रदेश की भूमिका और सरकार की उपलब्धियों से संबंधित साहित्य वितरित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभिभाषण के साथ सरकार की उपलब्धियों का विवरण दिया गया है। पुस्तिका के पृष्ठ क्रमांक 59 पर स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित जानकारी प्रकाशित है, जिसमें वर्ष 2025-26 की स्थिति बताते हुए लैपटॉप और स्कूटी योजनाओं से विद्यार्थियों को लाभान्वित किए जाने का उल्लेख किया गया है।

परीक्षा परिणाम से पहले लाभार्थियों के आंकड़े कैसे आए?

कांग्रेस विधायक ने इसी जानकारी के आधार पर सवाल उठाया है कि कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम 30-31 मार्च 2026 तक घोषित नहीं हुए थे, जबकि पुस्तिका में वर्ष 2025-26 के विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ दिए जाने की जानकारी दर्ज है। उन्होंने पूछा कि यदि इन योजनाओं का लाभ पात्रता के आधार पर परीक्षा परिणाम के बाद निर्धारित होना था, तो परिणाम घोषित होने से पहले लाभार्थियों के आंकड़े किस आधार पर तैयार किए गए।

उन्होंने कहा कि यदि आंकड़े किसी पूर्व वर्ष के विद्यार्थियों से संबंधित हैं तो उन्हें वर्ष 2025-26 की स्थिति के रूप में प्रकाशित किए जाने का आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। विधायक ने स्कूल शिक्षा विभाग से इन आंकड़ों का स्रोत, तैयार करने की प्रक्रिया और सत्यापन से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

शिक्षकविहीन और एक शिक्षक वाले स्कूलों का भी मुद्दा

जयवर्धन सिंह ने प्रदेश के ऐसे स्कूलों का मुद्दा भी उठाया है, जहां शिक्षकों की संख्या शून्य अथवा केवल एक है। उन्होंने कहा कि सरकारी दावों के साथ प्रदेश की स्कूली शिक्षा की जमीनी स्थिति भी सामने आनी चाहिए। शिक्षक की कमी से प्रभावित विद्यालयों की स्थिति शिक्षा व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौती को दर्शाती है। उन्होंने सवाल किया कि जब पुस्तिका में शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों और सुधारों का उल्लेख किया गया है, तब शिक्षक संकट से जुड़ी वास्तविक स्थिति को किस तरह आकलित किया गया है। उन्होंने सरकार से स्कूलवार शिक्षक उपलब्धता और रिक्त पदों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

परीक्षा परिणामों में सुधार के दावे का भी मांगा आधार

कांग्रेस विधायक ने पुस्तिका में वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 के परीक्षा परिणामों में सुधार संबंधी दावे पर भी विस्तृत आंकड़े उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा परिणामों में वृद्धि को सरकार की उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत किया गया है, तो वर्षवार उत्तीर्ण प्रतिशत, विद्यार्थियों की संख्या और संबंधित विभागीय रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

‘गलत जानकारी है तो जिम्मेदारी तय हो’

जयवर्धन सिंह ने कहा कि ‘विकास और सेवा के 2 वर्ष’ सामान्य प्रचार सामग्री नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के अभिभाषण और सरकार की उपलब्धियों को प्रस्तुत करने वाली पुस्तिका है, जिसे विधानसभा के युवा विधायक सम्मेलन में वितरित किया गया। ऐसे में इसमें प्रकाशित आंकड़ों की तथ्यात्मकता महत्वपूर्ण है।

उन्होंने मांग की कि स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी दावों और आंकड़ों की स्वतंत्र एवं तथ्यात्मक जांच कराई जाए। यदि जांच में आंकड़े गलत, अपुष्ट अथवा भ्रामक पाए जाते हैं तो संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सही आंकड़ों को सार्वजनिक कर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने रखी जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे