home page

सागरः जनसुनवाई में आए 300 से अधिक आवेदन में अधिकांश समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान

 | 
सागरः जनसुनवाई में आए 300 से अधिक आवेदन में अधिकांश समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान


सागर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में कलेक्टर संदीप जीआर द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाली विशेष जनसुनवाई जिले के आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसी क्रम में मंगलवार को देवरी में आयोजित जनसुनवाई में सैकड़ों लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया गया।

देवरी में आयोजित इस शिविर में अपर कलेक्टर अविनाश रावत ने आमजन की समस्याओं को सुना। उन्होंने बताया कि इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र हितग्राहियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

जनसुनवाई के दौरान:

• 300 से अधिक आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई की गई।

• राजस्व, आवास, और पेंशन संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण हुआ।

• जिन आवेदनों में समय लगना था, उनके लिए अधिकारियों को समय-सीमा (Dead-line) निर्धारित कर दी गई है।

शिविर में पहुंचे किसानों, महिलाओं और युवाओं ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए:

• राजस्व विभाग: सीमांकन, नामांतरण और भूमि विवाद।

• पंचायत एवं ग्रामीण विकास: पीएम आवास और मनरेगा कार्य।

• खाद्य विभाग: राशन कार्ड और पात्रता पर्ची।

• सामाजिक न्याय: वृद्धावस्था और विधवा पेंशन।

• लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE): जलापूर्ति और हैंडपंप सुधार।

इस जनसुनवाई की खास बात यह रही कि यहाँ केवल प्रशासनिक समस्याओं का ही समाधान नहीं हुआ, बल्कि लोगों की सेहत का भी ख्याल रखा गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्टाल पर:

• आने वाले नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

• जरूरतमंदों को मौके पर ही दवाओं का निःशुल्क वितरण किया गया।

देवरी के ग्रामीणों का कहना है कि पहले उन्हें छोटी-छोटी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय सागर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। अब ब्लॉक स्तर पर ही बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में समस्या हल होने से प्रशासन के प्रति जनता का भरोसा और गहरा हुआ है।इस अवसर पर एसडीएम मुनव्वर खान, तहसीलदार प्रीतिरानी चौरसिया सहित सभी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो, तो जनता की समस्याओं का समाधान उनके घर के पास ही संभव है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे