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अनूपपुर: पनिका समाज की राष्ट्रीय बैठक में अनुसूचित जनजाति दर्जा बहाली की मांग, कई राज्यों के पदाधिकारी हुए शामिल

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अनूपपुर: पनिका समाज की राष्ट्रीय बैठक में अनुसूचित जनजाति दर्जा बहाली की मांग, कई राज्यों के पदाधिकारी हुए शामिल


अनूपपुर, 19 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक के कपिलधारा मार्ग स्थित धारकुंडी आश्रम में रविवार को पनिका समाज की अखिल भारतीय राष्ट्रीय बैठक आयोजित की गई। समाजसेवी बिहारीदास मुरचुले ने इस बैठक का नेतृत्व किया। जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के सामाजिक पदाधिकारी और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पनिका समाज को पुनः अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक स्तर पर साझा रणनीति तैयार करना था।

समाज के वक्ताओं ने बताया कि पनिका समाज लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों की बहाली की मांग कर रहा है। उनका दावा है कि वर्ष 1971 से पहले अविभाजित मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में पनिका, पनका, पंख और पान जातियां अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल थीं। बाद में, संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, 1950 में 8 दिसंबर 1971 को किए गए संशोधन के बाद इन जातियों पर क्षेत्रीय प्रतिबंध लागू कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, एक ही समुदाय के लोगों को कई राज्यों में अलग-अलग वर्गों में विभाजित कर दिया गया।

कहीं एससी तो कहीं एसटी

प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ही जाति के लोगों को कहीं अनुसूचित जनजाति और कहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखना संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) और 16 में प्रदत्त समानता के अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि वर्ष 1971 से पूर्व की स्थिति बहाल करते हुए पनिका, पनका, पंख और पान जातियों को पूरे देश में पुनः अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाए।

2004 में भेजी गई थी अनुशंसा

वक्ताओं ने यह भी बताया कि इस संबंध में पूर्व में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती के कार्यकाल में 2004 में केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजी गई थी। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वर्ष 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के माध्यम से प्रधानमंत्री को अनुशंसा पत्र भेजा था। यह विषय पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह के समक्ष भी उठाया जा चुका है।

चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

समाजसेवी बिहारीदास मुरचुले ने कहा कि आने वाले समय में चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन तथा केंद्र एवं राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर पनिका समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने की मांग तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के साथ हो रहे कथित भेदभाव को समाप्त कर न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में मुख्य अतिथि सत्य कबड्डी साहेब, प्रांतीय अध्यक्ष गणेशदास सोनवानी, कार्यक्रम संयोजक बिहारीदास मुरचुले, देवधर महंत, सुखमनदास, पूरनदास सोनवानी सहित समाज के पदाधिकारी, महिला प्रतिनिधि मौजूद रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला